Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Fojiya Helps For Deaf And Dumb People To Provide Them Justice

मूक-बधिरों की ‘वकील’ बनी 9 साल की बच्ची, 22 मामलों में दिला चुकी है इंसाफ

सिख समाज के स्कूल में पढ़ने वाली छात्र अफसरों के सामने इशारों में पीड़ितों की बात रखती है।

शरद भावसार | Last Modified - Jun 13, 2018, 04:36 AM IST

मूक-बधिरों की ‘वकील’ बनी 9 साल की बच्ची, 22 मामलों में दिला चुकी है इंसाफ

खंडवा. फौजिया की उम्र केवल 9 साल है, लेकिन ऐसे लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं, जो बोल और सुन नहीं सकते। वह इशारों की भाषा की जानकार है। मूक-बधिर माता-पिता की बेटी ने तीन से चार जिलों में जाकर करीब 22 प्रकरणों में मूक-बधिर दंपती व पीड़ितों की मदद की। शहर में दो समुदायों में तनाव जैसे हालात बनते रहे हैं, इसी के चलते शहर का नाम भी संवेदनशील शहरों में गिना जाता है। दो समाजों के बीच फौजिया पिता फारूख मोहम्मद (9) निवासी कहारवाड़ी मिसाल से कम नहीं। फौजिया गुरुनानक स्कूल में कक्षा चौथी की छात्रा है। उसके पिता फारूख और मां फेमिदा दाेनों मूक-बधिर हैं।

जज्बा ऐसा कि एक बार मदद की, फिर नहीं रुकीं

फौजिया ने बताया बचपन से वह शहर में सांप्रदायिक तनाव की खबरें सुनती आ रही हैं। वह इंसानियत की मदद कर इस तनाव को खत्म करना चाहती है। वह बुरहानपुर में मामा के यहां थी तब मदद करने का मौका मिला। एक मूक-बधिर को परेशानी आने पर उसने बुरहानपुर प्रशासन की मदद की थी। मूक-बधिर की परेशानी दूर होने पर उसे खुशी मिली तब से लेकर आज तक वह कई जगह प्रशासन व मूक-बधिरों के बीच ट्रांसलेटर के तौर पर मदद कर चुकी है जिसमें ज्यादातर हिंदू परिवार थे।

दंपती की मदद कर मामला सुलझाया

- मंगलवार को जनसुनवाई में ऋषि और रितु नामक मूक-बधिर दंपती एसपी रूचि वर्धन मिश्र के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। मूक-बधिर होने से एसपी उनकी परेशानी समझ नहीं पा रही थीं। ऐसे में मूक-बधिर संस्था के साथ फौजिया वहां पहुंची और घरेलू केस में पीड़ितों व पुलिस की मदद की।

- फौजिया ने एसपी मिश्र को बताया इनके पिता राजेश सेजकर निवासी रवींद्र नगर शराब पीकर दोनों के साथ मारपीट कर रुपयों की मांग करते हैं। ऐसे में मूक-बधिर दंपती खंडवा से बुरहानपुर शिफ्ट होना चाहते हैं, लेकिन पिता उन्हें जाने नहीं देना चाहते। फौजिया ने इशारों में दंपती की समस्या सुनकर एसपी को बताई।

- एसपी ने मूक-बधिर ऋषि के माता-पिता ऑफिस बुलाया और समझाइश दी। इसके बाद मूक-बधिर दंपती की समस्या का समाधान हो गया। फौजिया के आत्मविश्वास और मानवता को देखकर एसपी मिश्र भी दंग रह गईं। उन्होंने उसके साथ सेल्फी लेकर बाजार से उसकी पसंद के कपड़े भी दिलवाए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×