गणेशोत्सव / खजराना गणेश ने पहना स्वर्ण मुकुट, सवा लाख मोदक का लगाया भोग



Ganesh Chaturthi: Gold crown worn by Khajraana Ganesh
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Ganesh Chaturthi: Gold crown worn by Khajraana Ganesh

  • आधी रात से बप्पा के दर्शन को लाइन में लगे हजारों भक्त, दर्शन के लिए बनाई चार लाइन

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 11:44 AM IST

इंदौर. खजराना गणेश मंदिर में 10 दिनी गणेश चतुर्थी महोत्सव गुरुवार सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन एवं शुभ-लाभ सहित सभी देवताओं को स्वर्ण मुकुट तथा मोतियों का चोला समर्पित करने के साथ शुरू हुआ। भक्तमंडल द्वारा गणेशजी को सवा लाख मोदक भी समर्पित किए गए। 

 

महोत्सव में प्रतिदिन शाम को गणेशजी को विभिन्न अनाजों के लड्डुओं का भोग भी समर्पित किया जाएगा। इनमें मूंग, चना, उड़द, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, चवला, मक्का, ड्रायफ्रूट्स, मगज आदि शामिल हैं। भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, अमृतलाल तेजापुरिया, कैलाश पंच, पुजारी पं. मोहन भट्ट, पं. अशोक भट्ट के अनुसार मंदिर पर भक्तों के लिए महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर दर्शन व्यवस्था है। एक साथ चार लाइन चलाई जा रही हैं।

 

खजराना मंदिर की खासियत

233 साल पुराने मंदिर में प्रतिवर्ष सवा करोड़ से ज्यादा भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर को तीन करोड़ रु. से ज्यादा की राशि दान के रूप में प्राप्त होती है। 1785 में बने इस मंदिर में चमत्कारी मूर्ति है। श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है। इसके लिए श्रद्धालु यहां बंधन बांधकर जाते हैं। 16 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में अन्न क्षेत्र हैं, जहां रोज एक हजार लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता है। 8 बेड का हॉस्पिटल है, जहां 400 रुपए में डायलिसिस किया जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में यह खर्च 1200-1500 रुपए है। मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्‌ट ने बताया यह प्रदेश का एकमात्र गणेश मंदिर है, जिसके लिए विधानसभा में एक्ट पारित किया गया।

 

गजानन देंगे हर दिन नए शृंगार में दर्शन
मरीमाता चौराहा स्थित श्री सिद्ध विजय गणेश मंदिर पर महाआरती, पुष्प शृंगार, छप्पन भोग के साथ 11 दिनी गणेश महोत्सव की शुरुआत हुई। संयोजक गोलू शुक्ला ने बताया मरीमाता चौराहा स्थित मंदिर परिसर में विद्युत सज्जा की गई है। मंदिर में प्रतिदिन गणेशजी को विभिन्न स्वरूपों में शृंगारित किया जाएगा। 


प्रतिमाओं का नि:शुल्क वितरण
संस्था रुद्राक्ष द्वारा गणेश चतुर्थी पर गुरुवार को मिट्टी के गणेशजी की बड़ी और छोटी प्रतिमाओं का नि:शुल्क वितरण बंगाली चौराहे पर किया गया। अनंत चतुर्दशी पर सामूहिक विसर्जन भी घर पर ही किया जाएगा। संस्था के महेश जोशी ने बताया इस साल भी गमलों में विसर्जन के बाद उनमें तुलसी के पौधे रोपे जाएंगे।

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