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छात्रा गायत्री जाट के पिता के डेढ़ घंटे से ज्यादा हुए बयान, कहा- तीन दिन तक काटे थे थाने के चक्कर, पर पुलिस ने नहीं की थी कार्रवाई

छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग से परेशान दसवीं की छात्रा की आत्महत्या का मामला, डीआईजी को अभी नहीं सौंपी रिपोर्ट

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 01:30 AM IST

इंदौर. छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग से परेशान दसवीं की जिस छात्रा गायत्री जाट ने घर में फांसी लगा ली थी, मंगलवार रात साढ़े सात बजे से उसके पिता जगदीश जाट के डेढ़ घंटे तक बयान हुए। उन्होंने पुलिसकर्मियों की लापरवाही, तीन दिन लगातार थाने के चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई नहीं होने के बारे में बताया। उनका कहना था कि पुलिस के इस रवैये से परिवार हताश हो गया था।

सुसाइड नोट में कहा- लड़के ने दो लेटर लिखवाए: बयान के बाद बुधवार को पिता बेटी के कार्यक्रम के लिए दोबारा राजस्थान चले गए हैं। उनका कहना था कि बेटी के पास जो सुसाइड नोट मिला था, उसमें उसने लिखा था कि लड़के ने दो लेटर लिखवाए हैं। उसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं मिली है। परिजनों ने सस्पेंड पुलिसकर्मियों ओमकार कुशवाह व वृंदावन पटेल को बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र का कहना है कि मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दुष्कर्म के आरोपी शुक्ला को कोर्ट ने जेल भेजा: एक अन्य मामले में साइबर सेल से लेकर जनसुनवाई तक शिकायत लेकर पहुंची दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत पर द्वारकापुरी पुलिस ने वैभव शुक्ला के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया था। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।