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  • Health Department has issued a new guideline in case of cataract surgery in Indore Eye Hospital

गाइड लाइन / मोतियाबिंद ऑपरेशन के पहले ऑपेरशन थिएटर की कल्चर जांच करवाना ज़रूरी, सीएमएचओ को देनी होगी जांच रिपोर्ट



स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट।
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स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट।स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट।

  • इंदौर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की 
  • सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों के लिए भी यही गाइड लाइन

Dainik Bhaskar

Aug 24, 2019, 01:07 PM IST

इंदौर. हाल ही में एमओजी लाइन स्थित इंदौर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एक नई गाइडलाइन जारी कर दी है। सरकारी अस्पताल हो या निजी अस्पताल। मोतियाबिंद ऑपेरशन के पहले प्रत्येक अस्पताल में ऑपेरशन थियेटर की कल्चर जांच करवाना ज़रूरी होगा। इतना ही नहीं, यह रिपोर्ट पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भिजवाना होगी। उसके बाद ही कोई अस्पताल ऑपेरशन कर पाएगा।

 

सीएमएचओ डॉ. प्रवीण ने बताया कि ऐसी संभावना है कि मरीजों को ओटी से ही संक्रमण मिला है। संभवतः किसी लिक्विड की वजह से मरीजों को यह संक्रमण हुआ। उन्होंने बताया कि 11 मरीजों में से 8 मरीजों का धार रोड स्थित चोइथराम नेत्रालय में इलाज चल रहा था, जिसमें से 4 मरीजों को शुक्रवार को ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। अन्य 4  मरीजों को संभवतः शनिवार शाम तक कर दिया जाएगा। आंखों की रोशनी वापस आने को लेकर उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे मरीजों की आंख का सूजन कम होगा, उनकी रोशनी बढ़ती जाएगी। अभी उनमें कितना सुधार आया है, यह बताना मुश्किल है, लेकिन उन्हें दिखाई देना शुरू हो गया है। 

 

प्रोटोकॉल जारी कर दिया
अधिकारियों ने बताया कि हमारे यहां पंजीबद्ध सभी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि ऑपरेशन के पहले ओटी की जांच कराई जाए। यह जांच करवाने के बाद रिपोर्ट हमें भेजी जाए। उसी के बाद ऑपरेशन कर पाएंगे। 

गौरतलब है कि 8 अगस्त को एक परमार्थिक ट्रस्ट द्वारा संचालित आई हॉस्पिटल में राष्ट्रीय अंधत्व निवारण समिति के तहत शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में 14 मरीजों के ऑपरेशन किए गए थे। इनमें से 11 मरीजों की आंख संक्रमण का शिकार हो गई और उन्हें दिखाई देना बंद हो गया 17 अगस्त को जब मामला राज्य सरकार की जानकारी में आया तो ताबड़तोड़ मरीजों को धार रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। इनमें से तीन मरीजों को इलाज के लिए शंकर नेत्रालय भेजा गया है। 

 

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि मरीजों को राहत राशि देना इतना महत्वपूर्ण नहीं था, जितना उनका समय पर इलाज होना। हमारा पूरा ध्यान मरीजों को सही इलाज मुहैया करवाना और उनकी आंखें बचाना था। इसके लिए हमने चेन्नई से विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव रमन को बुलवाया। मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही थी। प्रतिदिन अस्पतालों में मरीजों में हो रहे सुधार की जानकारी उन्हें भेजी जा रही थी। राहत की बात है कि मरीजों में सुधार आया।

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