मौसम / इंदौर में भारी बारिश का दौर जारी, एमवाय अस्पताल में भरा पानी, 46 इंच के करीब पहुंचा आंकड़ा



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  • रेड अलर्ट जोन में आने के बाद शहर में लगातार तीसरे दिन हो रही झमाझम बारिश
  • सुबह से हो रही है बारिश, कई क्षेत्रों में भरा पानी

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 05:31 PM IST

इंदौर. रेड अलर्ट जोन में आने के बाद शहर में शुक्रवार को लगातर तीसरे दिन झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश से इंदौर में बारिश का आंकड़ा 46 इंच के पास पहुंच चुका है। इंदौर के साथ ही मालवा-निमाड़ के कई जिलों में भी बारिश हो रही है। लगातार बारिश से कुक्षी का तालनपुर तालाब अपनी क्षमता के अनुरूप पूरा भर चुका है और ओवरफ्लो हो रहा है। वहीं शाजापुर में चीलर नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा निचली बस्तियों को खाली कराया गया है।

 

 

 

एमवाय अस्पताल में भरा पानी

 

 

 

भारी बारिश के चलते शुक्रवार तड़के आर्बिट मॉल के पीछे स्थित एक भवन का कुछ हिस्सा भरभरा कर ढह गया। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वहीं एमवाय अस्पताल में भी पानी भर गया जिससे वहां भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के कई वार्डों में गुरुवार रात को ही पानी भर गया था जो शुक्रवार को और अधिक बड़ गया।

 

 

आर्बिट मॉल के पीछे स्थित एक भवन का कुछ हिस्सा टूट गया

 

शुक्रवार को सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। सुबह 11 बजे से 12 बजे के मध्य मूसलधार बारिश हुई। बादलों के कारण कुछ देर के लिए अंधेरा हो गया और वाहनों की लाइटें चालू करना पड़ी। वहीं झांकियों वाली रात गुरुवार को भी लगातार बारिश होती रही। इंदौर में सितंबर के शुरुआती 12 दिन में ही 10 इंच के करीब बारिश हो चुकी है। 


इंदौर में बारिश का औसत आंकड़ा 35 इंच माना जाता है। इस सीजन में अब तक 45 इंच से अधिक पानी बरस चुका है और अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार 50 इंच से अधिक बारिश इंदौर में दर्ज की जाएगी। साल 2015 में 43.6 इंच और साल 2013 में 55 इंच बारिश हुई थी।


इंदौर समेत 14 जिलों के लिए रेड अलर्ट
इंदौर, देवास, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बैतूल, होशंगाबाद, हरदा, राजगढ़, सीहोर, विदिशा और सागर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। शाजापुर से निकली चीलर नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचली बस्ती खाली करने का निर्णय लिया है। चीलर नदी से सटे मालीवाड़ा, सपरिपुरा, कसाईवाड़ा, डांसी सहित अन्य क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा लोगों के ठहरने की व्यवस्था गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल और महूपुरा के कम्युनिटी हॉल में की गई है।


कम दबाव के क्षेत्र के बीचों-बीच बने साइक्लोन के कारण तेज बारिश का दौर
बुंदेलखंड (उत्तरपूर्वी मप्र और दक्षिण-पश्चिमी उत्तरप्रदेश) के ठीक ऊपर जमीन से 5.8 किमी ऊपर बने चक्रवात के कारण एक बार फिर मध्यप्रदेश में भारी बारिश के हालात बने हुए हैं। यह चक्रवात ठीक उस जगह पर बना है जहां से कम दबाव का क्षेत्र बनाने वाली ट्रफ लाइन गुजर रही है। भारी मात्रा में नमी बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रही थी, लेकिन एंटी क्लॉक वाइज हवाओं के चक्रवात ने इस नमी की दिशा को मध्यप्रदेश के बीचों-बीच धकेल दिया है। जिसके कारण यहां पहले से मौजूद अरब सागर से आया मौजूदा मानसूनी सिस्टम और मजबूत होकर मूसलाधार बारिश करा रहा है।

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