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गर्भ को हो चुके थे 24 सप्ताह, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने दिए अबॉर्शन कराने के आदेश

एक वर्ष पहले
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  • पीड़िता ने दस्तावेज के रूप में सोनाेग्राफी रिपोर्ट भी पेश की थी
  • मात्र 10 दिन में हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण भी कर दिया

इंदौर. हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक प्रसूता के 24 सप्ताह के गर्भ को गिराए जाने के आदेश जारी किए हैं। शारीरिक रूप से अविकसित गर्भ को गिराने से पहले हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड के पास यह मामला भेजा था। इतने सप्ताह का गर्भ होने के बाद प्रसूता की जान को खतरा हो सकता था। मेडिकल बोर्ड द्वारा गर्भपात किए जाने की अनुशंसा के बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया।
 
अधिवक्ता अनुराग शुक्ला ने महिला की ओर से याचिका दायर की थी। याचिका के साथ दस्तावेज के रूप में सोनाेग्राफी रिपोर्ट भी पेश की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड ने भी महिला का परीक्षण कर रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंप दी। मात्र 10 दिन में हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण भी कर दिया। जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने गर्भपात किए जाने के आदेश दिए हैं।