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परंपरा / गौतमपुरा में हुआ हिंगोट युद्ध, योद्धाओं ने एक-दूसरे पर जलते हुए अग्निबाण छोड़े

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 01:24 PM IST


Hingot udha in gautampura indore
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Hingot udha in gautampura indore

  • युद्ध में 15 से 20 लोगों को मामूली चोट आई, एक घंटे से ज्यादा समय तक चला युद्ध
  • प्रतिवर्ष दीपावली के अगले दिन धोक पढ़वा के दिन होता है युद्ध का आयोजन

इंदौर. शहर के गौतमपुरा में धोक पढ़वा (गोवर्धन पूजा) पर दो दलों के बीच हिंगोट युद्ध हुआ। युद्ध के दौरान दोनों दलों के योद्धाओं ने एक-दूसरे पर जलते हुए अग्निबाण (हिंगोट) से आक्रमण किया, जिसमें कुछ युवा घायल हो गए। दीपावली के अगले दिन गौतमपुरा में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी जांबाज तुर्रा और रुणजी के वीर कलंगी योद्धाओं के बीच बेहद जोखिम भरा हिंगोट युद्ध हुआ। गुरुवार को शाम होते ही इन योद्धाओं ने एक-दूसरे पर हिंगोट बरसाना शुरू किए, जिसमें कुछ योद्धा घायल हो गए।

 

 

 

शाम होते ही जलते हिंगोट एक-दूसरे पर बरसने शुरू हो गए।


 

ऐसे बनता है हिंगोट
- हिंगोट हिंगोरिया नामक पेड़ पर पैदा होता है जो नींबू के आकारनुमा होकर ऊपर से नारियल समान कठोर तथा अंदर से खोखला होता है, जिसे योद्धा जंगल पहुंचकर पेड़ से तोड़कर लाते हैं। इसके बाद ऊपर से सफाई करने के साथ एक छोर पर बारीक तथा दूसरे छोर पर बड़ा छेद करते हैं। फिर उसे दो-तीन दिन तक धूप में सुखाने के बाद खुद के द्वारा तैयार बारूद भरते हैं। इसके बाद बड़े छेद को पीली मिट्टी से बंद कर और बारीक छेद पर बारूद की बत्ती लगा देते हैं। जिस पर अग्नि को छुआते ही हिंगोट जल उठता है।

 

शाम होते ही जलते हिंगोट एक-दूसरे पर बरसने शुरू हो गए।

 

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