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स्वच्छता में इंदौर ने फिर मारी बाजी, लगातार दूसरे साल रहा प्रथम स्थान पर

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने बुधवार को की घोषणा

Dainik Bhaskar

May 16, 2018, 06:11 PM IST
Indore again number one in cleanliness

  • सर्वेक्षण के पहले साल सिर्फ 73 शहरों में सर्वे किया गया
  • दूसरे सर्वे के बाद तीसरे सर्वे में भी इंदौर-भोपाल को टॉप पर बने हैं

इंदौर. लगातार दूसरे साल इंदौर और भोपाल देश के दो सबसे स्वच्छ शहर चुने गए हैं। इस बार भी इंदौर को पहला तो भोपाल को दूसरा स्थान मिल है। चंडीगढ़ देश का तीसरा सबसे साफ शहर है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को नई दिल्ली में इसका ऐलान किया। राज्यों की राजधानियों में ग्रेटर मुंबई देश में सबसे स्वच्छ चुनी गई।

2017 के मुकाबले 10 गुना शहरों में हुए सर्वे

- 2018 स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे देशभर के 4041 शहरों के सर्वे के बाद जारी किए गए हैं। ये पिछले साल किए गए सर्वे से 10 गुना ज्यादा है। इसी के चलते केंद्र सरकार इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण कहा है।

2016 में 73 शहरों में हुआ था सर्वे
- पहला स्वच्छता सर्वेक्षण 2016 में किया गया था। हालांकि, तब इसमें सिर्फ 73 शहरों को ही शामिल किया गया था। 2016 में कर्नाटक के मैसूर को भारत के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा दिया गया था। लिस्ट में चंडीगढ़ को दूसरा और तिरुचिरापल्ली (त्रिची) को तीसरे स्थान पर रखा गया था।

2017 में सर्वे में शामिल किए गए 434 शहर
- देश के दूसरे स्वच्छता सर्वेक्षण में उन सभी शहरों को शामिल किया गया था जिनकी जनसंख्या 1 लाख से ऊपर थी। इस लिहाज से ये सर्वे करीब 434 शहरों में किया गया था। 2017 में इंदौर 25वें स्थान से पहले स्थान पर आ गया था, वहीं भोपाल को इसमें दूसरे पायदान पर था, जबकि मैसूर पांचवें पायदान पर फिसल गया था।

- 2017 की रैंकिंग के हिसाब से इंदौर पहले, भोपाल दूसरे, विशाखापट्‌टनम तीसरे, सूरत चौथे, मैसूर 5वें, तिरुचिरापल्ली छठे, नई दिल्ली 7वें, नवी मुंबई 8वें, तिरुपति 9वें और वडोदरा 10वें नंबर पर था। लिस्ट में गुजरात के सबसे ज्यादा 12 शहर सबसे साफ शहरों की लिस्ट में शामिल हुए थे।

2018 स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में


- देश का सबसे साफ शहर: विजयवाड़ा (इंदौर, भोपाल और चंडीगढ़ की आबादी भी 10 लाख से ज्यादा है लेकिन देश का सबसे साफ शहर होने का अवार्ड मिलने के बाद उन्हें इस केटेगरी में नहीं रखा गया। एक शहर को केवल एक ही केटेगरी में अवॉर्ड दिया गया।)
- सफाई में सबसे ज्यादा प्रगति करने वाला शहर: गाजियाबाद(350 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाई)
- लोगों के फीडबैक के हिसाब से देश का बेस्ट शहर: कोटा
- इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट शहर: नागपुर
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट शहर: नवी मुंबई

3 लाख से ज्यादा लेकिन 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में


- देश का सबसे साफ शहर: मैसूर, कर्नाटक
- देश का सबसे ज्यादा प्रगति करने वाला शहर: भिवंडी, महाराष्ट्र
- लोगों के फीटबैक के हिसाब से देश का बेस्ट शहर- परमनी, महाराष्ट्र
- इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट शहर- अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट शहर: बेंगलुरु, कर्नाटक

3 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहरों में


- देश का सबसे साफ शहर: NDMC(नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन)
- देश का सबसे ज्यादा प्रगति करने वाला शहर: भुसावल, महाराष्ट्र
- लोगों के फीटबैक के हिसाब से देश का बेस्ट शहर: गिरिडीह, झारखंड
- इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट शहर: अंबिकापुर, छत्तीगढ़
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट शहर: तिरुपति, आंध्र प्रदेश

राज्य की राजधानी


- देश का सबसे साफ राजधानी: ग्रेटर मुंबई
- देश का सबसे ज्यादा प्रगति करने वाली राजधानी: जयपुर
- लोगों के फीटबैक के हिसाब से देश का बेस्ट राजधानी: रांची
- इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट राजधानी: पणजी
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट राजधानी: ग्रेटर हैदराबाद, तेलंगाना

किस पैमाने पर मापी गई शहरों की स्वच्छता?


इस साल ये थे सर्वे के मुख्य बिंदु


- कॉलोनियों, बस्तियों, पुराना शहर, अव्यवस्थित और व्यवस्थित बसा क्षेत्र साफ है या नहीं?
- महिला और पुलिस पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट। क्या इन्हें बच्चे भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- टॉयलेट की सफाई के साथ रोशनदान, जलप्रदाय, लाइट के इंतजाम।
- टॉयलेट एरिया में ड्रेनेज सिस्टम।
- टॉयलेट में स्वच्छ भारत मिशन के संदेश वाले होर्डिंग, बैनर, वॉल पेंटिंग।
- मार्केट में सफाई व्यवस्था।
- सब्जी, फल, मीट या फिश मार्केट में साइट कंपोस्टिंग, वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन और प्राइमरी वेस्ट कलेक्शन सेंटर की जानकारी।
- सफाई को लेकर लगे साइन बोर्ड।
- रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था।
- मुख्य स्टेशन पर रेलवे ट्रैक या प्लेटफॉर्म के आसपास 500 मीटर क्षेत्र में कहीं खुले में शौच तो नहीं की जा रही?
- शहर में लगे डस्टबीन के बारे में जानकारी और उसके इस्तेमाल को लेकर जागरुकता।

टीम ने लोगों से क्या सवाल पूछे?
- क्या आपको यह जानकारी है कि आपका शहर स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में हिस्सा ले रहा है?
- आपका क्षेत्र क्या पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा साफ है?
- क्या इस साल आपने व्यावसायिक क्षेत्रों में लगे लिटरबिन का उपयोग शुरू किया है?
- क्या आप इस साल पृथकीकृत (गीला-सूखा) घर-घर कचरा संग्रहण से संतुष्ट हैं?
- क्या पिछले साल की अपेक्षा मूत्रालय-शौचालय की व्यवस्था बढ़ी है जिसके कारण लोगों ने खुले में पेशाब और शौच करना बंद किया है?
- क्या सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय पहले की अपेक्षा ज्यादा साफ हैं और उन तक पहुंचना आसान है?

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