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करोड़ों का आसामी बेलदार : लोकायुक्त पुलिस ने कोर्ट में पेश किया प्रतिवेदन

छापे में 18 हजार वेतन वाला निगम बेलदार 25 करोड़ का आसामी निकला था।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Aug 12, 2018, 03:40 PM IST

करोड़ों का आसामी बेलदार : लोकायुक्त पुलिस ने कोर्ट में पेश किया प्रतिवेदन

इंदौर. नगर निगम के बेलदार असलम खान के ठिकानों पर लोकायुक्त द्वारा मारे गए छापे में प्रतिवेदन कोर्ट में पेश कर दिया गया है। कोर्ट में पेश प्रतिवेदन में लोकायुक्त पुलिस ने उसकी संपत्तियों की सूची के जब्त किए गए दस्तावेज और अन्य जानकारियां शामिल है। 6 अगस्त को लोकायुक्त छापे में 18 हजार वेतन वाला निगम बेलदार 25 करोड़ का आसामी निकला था। लोकायुक्त द्वारा करोड़ों रुपए की काली कमाई पकड़े जाने पर आयकर विभाग के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी सूचना दी गई है, इन विभागों द्वारा भी आरोपी से पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही बगैर पैन कार्ड के लाखों रुपए का नगद ट्रांजेक्शन करने के मामले में बैंकों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की जा रही है।

30 हजार पेज के सरकारी दस्तावेज

असलम के घर सहित 5 ठिकानों पर मारे गए छापे में इतने अधिक सरकारी दस्तावेेज जब्त किए गए हैं कि दो अलमारी भर गई। लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार असलम और उसके भाईयों के घर से लगभग 30 हजार पेज के सरकारी दस्तावेज मिले हैं जिन्हें जब्त कर लिया गया है। उसके घर इतनी बड़ी तादात में सरकारी फाइलें कैसे पहुंची इसकी जांच की जा रही है। फाइलों को असलम के घर पहुंचाने में निमग के जिन कर्मचारियों और अफसरों का हाथ होगा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

अधिमान्य पत्रकार का कार्ड निकला फर्जी

छापे में असलम के घर से उसके नाम का अधिमान्य पत्रकार वाला सरकारी कार्ड बरामद किया गया था। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी इस कार्ड में असलम को अधिमान्य पत्रकार बताया गया है। कार्ड के संबंध में लोकायुक्त ने जनसंपर्क विभाग से जानकारी मांगी थी। जनसंपर्क विभाग ने कहा है कि जो कार्ड असलम के नाम जब्त किया गया है वह फर्जी है। उस नंबर का कार्ड किसी अन्य पत्रकार को जारी किया गया था असलम ने उसे एडिट कर अपना फोटो व नाम लिख लिया।

15 खातों की जांच

लोकायुक्त एसपी दिलीप सोनी के मुताबिक, एक्सिस बैंक में असलम व उसके परिजनों के 15 खातों की जांच की। इसमें पता चला कि कभी पत्नी, कभी मां या बेटियों के खातों में एक से आठ लाख रुपए नकद जमा होते थे। पत्नी राहेला के खाते में 29 सितंबर 2016 को भी आठ लाख रुपए जमा हुए थे। एक्सिस बैंक (सपना-संगीता रोड), एसबीआई (नगर निगम शाखा), सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया (चोइथराम अस्पताल परिसर), पंजाब एंड सिंध बैंक (पीवाय रोड), सेट बैंक (रेसकोर्स रोड) व यूनियन बैंक आॅफ इंडिया (आईके कालेज पलासिया शाखा) में भी उसके व परिजनों के खाते होने की सूचना है। सभी बैंकों से जानकारी मांगी है।

कैसे पहुंची सरकारी फाइल, इसकी हो रही जांच

छापे में असलम और उसके भाईयों के घर से नगर निगम की कई फाइलें जब्त की गई थी। यह फाइलें निगम के उद्यान विभाग, जनकार्य विभाग के साथ ही टीएनसीपी से संबंधित थी। सूत्रों का कहना है कि असलम अपने घर से सामानांतर निगम का नक्शा विभाग चलाता था। घर पर ही बिल्डर उससे मिलने आते थे और वहीं पैसा लेकर सारे काम कर दिए जाते थे। उसके घर से मिली सरकारी फाइलें वहां कैसे आई फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।

कमियां... जिनके कारण गड़बड़ियां जारी

  • आवेदन आने के बाद निगम में ऐसा सिस्टम नहीं है जो समय सीमा तय करे। 24, 48 घंटे और सात दिन में नक्शा देने की बात गलत है।
  • एक्ट में नक्शा पास करने के लिए बीओ, बीआई को सक्षम अधिकारी बताया है। फिर भी कमेटी बना दी। इससे काम उलझने लगे।
  • कमेटी के अफसरों को नक्शा पास करने का अधिकार नहीं है। नक्शे पर अंतिम हस्ताक्षर बीओ के ही होते हैं। फिर कमेटी का क्या औचित्य?
  • ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में होने वाले संशोधन व नियमों को अफसर अपडेट नहीं करते। इससे भी कई बार नक्शों को मंजूरी नहीं मिल पाती।
  • 30 दिन में नक्शा मंजूर नहीं होने पर उसे डीम्ड मंजूरी मानी जाती है। भवन निर्माता काम शुरू कर सकता है, पर इसके दस्तावेज नहीं मिलता।
  • सॉफ्टवेयर में नक्शे का हर अपडेट होता है। अफसर इसकी मॉनिटरिंग नहीं करते। ऐसा होता तो रिश्वत, देरी पर बहुत हद तक लगाम लग जाती।

ये मिला था छापे में

  • 2 किलो साेने के गहने, सोने के 11 बिस्किट
  • 25 लाख रुपए नगद
  • 5 मकान अशोका कॉलोनी में, 1 फ्लैट, 1 मकान पत्नी के नाम
  • 1.512 हेक्टेयर जमीन, ऑफिस आैर दुकान, 3 कारें भी
  • पत्नी के नाम स्कीम 103, राजगृही कॉलोनी, साकेत में 1-1, सुखलिया में 4 प्लॉट
  • पत्नी के नाम ही साउथ तुकाेगंज में दुकान, सुभाष मार्ग, सुतार गली में फ्लैट
  • स्कीम 136 में भाई, पीपल्याहाना में मां, जावरा में खुद के नाम पर प्लॉट
  • लाखों के बकरे
  • स्कीम 54 में प्लॉट, ऑफिस
  • देवास के कमलापुर और महू के चिकली में जमीन
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