नीम का पानी शरीर को रखता है शीतल और रोगों से मुक्त, इसलिए 10 दिन तक ये लोग रोज बांटते हैं 700 लीटर पानी, 10 दिन में करीब 35 हजार लोग ले जाते हैं पानी

मध्य प्रदेश न्यूज: कई बीमारियों को करता है खत्म, 4 लोग मिलकर 12 घंटे पहले से करते हैं इस खास पानी की तैयारी

श्रद्धा चौबे

Apr 14, 2019, 01:54 PM IST
Indore Madhya Pradesh News in Hindi: Story of Special Neem Water

इंदाैर (मध्य प्रदेश)। स्थान : यशवंत क्लब। समय : सुबह के साढ़े पांच बजे। गेट के बाहर एक कार आकर रुकी। कार में से अशोक चौरड़िया (65) और पत्नी मंजुला (62) अपने साथ 700 लीटर नीम का पानी भी लेकर आए। साढ़े सात बजे तक लगभग 1200 गिलास पानी का वितरण हो गया। गुड़ी पड़वा से दशमी (नवरात्र) तक हर साल यह नजारा यहां दिखाई देता है। इस बार 10 दिन में 7000 लीटर नीम का पानी बांटा। यह सिलसिला 10 साल से निरंतर जारी है।

समाजसेवी चौरड़िया बताते हैं कि बचपन में रतलाम में उन्होंने यह परंपरा देखी थी। इंदौर आने पर तय किया कि इसे यहां भी शुरू किया जाना चाहिए। 2008 में वल्लभ नगर में घर-घर जाकर नीम का पानी बांटना शुरू किया। शुरुआती दिनों में पांच लीटर पानी बांटते थे। लोगों को यह प्रयास बहुत पसंद आया। सुझाव मिला कि इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जाए ताकि अधिक लोगों को लाभ पहुंचे। 2010 में यशवंत क्लब के मुहाने से नई शुरुआत हुई। दस दिनों में यह संख्या 35 हजार तक पहुंचती है।

12 घंटे पहले से तैयारी, 4 लोग मिलकर बनाते हैं
नीम का पानी सुनने में जितना साधारण है उसे तैयार करने की विधि उतनी जटिल है। इसके लिए 12 घंटे पहले तैयारी करना आवश्यक है। नीम के पत्ते की तुड़वाई, छंटाई और धुलाई के बाद पीसने व छानने में काफी वक्त लग जाता है। छानने के लिए भी कपड़ा जरूरी है, अन्यथा रेशे अटकेंगे। अंत में पानी में सफेद और काली मिर्च भी डाली जाती है। पूरे काम में चार लोगों की मेहनत लगती है।

एसिडिटी, कृमि और उष्णता को करता है खत्म
वैद्य हरदीप सिंह के मुताबिक यह प्राकृतिक पेय है। गंदे पानी से सिंचित सब्जी पेट में जाकर कृमि की उत्पत्ति करती है। नीम की तासीर ठंडी होती है। इसका सेवन शरीर में एसिडिटी, कृमि और उष्णता को खत्म करने वाला है। लू से भी बचाव करता है।

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