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80 साल पुराने मकान का अगला हिस्सा धराशायी, मकान मालिक बाेला - अतिक्रमण की कार्रवाई से जर्जर हुआ मकान

एक वर्ष पहले
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धराशायी हिस्से के मलबे को हटाते हुए कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
धराशायी हिस्से के मलबे को हटाते हुए कर्मचारी।
  • सीतलामाता बाजार में मकान नं. - 9 का एक हिस्सा धराशायी हुआ, मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू
  • निगम ने कपड़ा मार्केट, सीतलामाता बाजार से लेकर गोराकुंड तक बाधक निर्माणों को हटाया है

इंदौर. राजबाड़ा क्षेत्र स्थित सीतलामाता बाजार में मंगलवार रात 80 साल पुराने मकान का अगला हिस्सा धराशायी हो गया। गनीमत रही कि जिस समय हादसा हुआ, मकान में कोई मौजूद नहीं था। मकान मालिक के अनुसार - निगम द्वारा यहां हटाए गए अतिक्रमण की वजह से उनका मकान जर्जर हो गया था। यही वजह रही कि मकान का एक हिस्सा गिर गया।


मकान मालिक रमेश हर्षवाल का कहना है कि निगम द्वारा चौड़ीकरण की कार्रवाई से उनका 80 साल पुराना मकान पूरी तरह से कमजोर हो गया था। यह स्थिति उनके एक मकान की नहीं है, बल्कि अतिक्रमण की जद में आए करीब-करीब सभी पुराने मकानों की है। सभी बहुत कमजोर हो चुके हैं और कभी भी धराशायी हो सकते हैं।


बता दें कि निगम ने सड़क चौड़ीकरण के लिए कपड़ा मार्केट, सीतलामाता बाजार से लेकर गोराकुंड तक बाधक निर्माणों को हटाया है। बाधक मकानों के हिस्सों को हटाने के दौरान कई पुराने मकान जर्जर हो चुके हैं। इसी के चलते सीतलामाता में मकान नंबर - 9 का अगला हिस्सा भी रात में भर-भराकर गिर गया। मकान के गिरने के बाद अब मलबा हटवाने का काम किया जा रहा है।