पुण्यतिथि / भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री को दी श्रद्धांजलि, ताई बोलीं- धारा 370 हटाना अटल जी का सपना था



Indore news,  Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary News Updates
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  • भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
  • पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अटल जी को याद करते हुए उनके संस्मरणों को सुनाया

Dainik Bhaskar

Aug 16, 2019, 01:51 PM IST

इंदौर. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर शुक्रवार को भाजपाइयों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। भाजपा दफ्तर में हुए इस आयोजन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके कार्यों को याद किया। भाजपा दफ्तर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक महेंद्र हार्डिया, महापौर मालिनी गौड़ सहित कई नेता पहुंचे। इस मौके पर महाजन ने अटल जी को याद करते हुए उनके संस्मरण को सुनाया।

 

महाजन ने कहा - अटल जी के विचारों की विपक्ष भी प्रशंसा करता था, वे अधिकार से अपनी बात रखते थे। उन्होंने धारा - 370 में प्रकाश देते हुए कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि मैं आज कश्मीर में आ चुका हूं और उन्होंने अटल जी से कहा था मेरा जो भी कुछ हो, लेकिन तुम धारा - 370 और कश्मीर के मुद्दे को जिंदा रखना। धारा - 370 हटाए जाने के मामले पर सुमित्रा महाजन ने इसे देश की जीत करार दिया।

 

दिग्विजय सिंह के अगर अटल बिहारी वाजपेयी होते तो आज जम्मू कश्मीर विधानसभा को साथ लेकर निर्णय लेते वाले बयान पर उन्होंने कहा - धारा 370 हटाना अटल जी का भी सपना था और निश्चित ही अटल जी सब को साथ लेकर इस मामले में निर्णय लेते। ओल्ड इस गोल्ड के सवाल पर भड़कीं महाजन ने कहा कि महापुरुष कभी भी पुराने नहीं होते।

 

भाजपायियों के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री प्रथम पुण्यतिथि पर कई संस्थाओं ने भी आयोजन किए। अटल जी के आदर्शों पर काम करने वाली संस्था अटल फाउंडेशन के कार्यक्रम में अटल जी की भतीजी माला तिवारी और सांसद शंकर लालवानी पहुंचे। इस अवसर पर अटल जी की स्मृति में पौधारोपण भी किया गया।

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटलजी : अटल बिहारी वाजपेयी सबसे पहले 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने। बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी बार वे 1998 में प्रधानमंत्री बने। सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए। 13 अक्टूबर 1999 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया। 2014 के दिसंबर में अटलजी को भारत रत्न देने का ऐलान किया गया। मार्च 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोटोकॉल तोड़ा और अटल जी को उनके घर जाकर भारत रत्न से सम्मानित किया।

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