ट्विंकल डागरे हत्याकांड में हो रहे रोज नए-नए खुलासे, ट्विंकल के पिता ने कहा- करोतिया ने घर आकर मुझसे कहा था- एक करोड़ ले लो, केस से मेरा नाम हटवा दो / ट्विंकल डागरे हत्याकांड में हो रहे रोज नए-नए खुलासे, ट्विंकल के पिता ने कहा- करोतिया ने घर आकर मुझसे कहा था- एक करोड़ ले लो, केस से मेरा नाम हटवा दो

इंदौर न्यूज: बेटी की तस्वीर सीने से लगाए पिता बोले- मेरे बेटे को भी वो लोग जान से मारना चाहते थे

Bhaskar News

Jan 14, 2019, 08:53 AM IST
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इंदौर कांग्रेस नेत्री ट्विंकल डागरे हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब ट्विंकल के पिता संजय डागरे ने आरोप लगाया कि बेटी के हत्यारे भाजपा नेता जगदीश करोतिया ने केस को गुमराह करने के कई प्रयास किए। बेटी के अपहरण का केस दर्ज होने के बाद हम पति-पत्नी ने सड़क पर उतरकर विरोध शुरू किया तो करोतिया ने पहले 18, फिर 20 लाख और अंत में किसी प्रजापति को भेजकर एक करोड़ रुपए देने की बात कही थी। कहा था कि केस से उसका नाम हटवा दें। मैंने मना कर दिया तो करोतिया घर आया। मैंने उससे कहा कि एक करोड़ लेकर मैं तुम्हारी बात मान लेता हूं, लेकिन तुम अपने चार बच्चों में से एक को जहर देकर मार दो। इस पर वह गुस्सा हो गया और धमकी देकर चला गया। बाद में अपने यहां काम करने वाले नाबालिग बच्चे से मेरे छोटे बेटे हर्ष पर जानलेवा हमला करवा दिया था। इसकी भी एफआईआर हमने दर्ज करवाई थी। संजय ने बताया कि जगदीश और उसके बेटे राजनीतिक रसूख व भाजपा नेताओं के माध्यम से दबाव डालते थे। पिता ने कहा कि बेटी के जगदीश और उसके बेटे अजय दोनों में से किसी के साथ संबंध नहीं थे।


वो घर आकर बोला- क्या हुआ तेरी छोरी का, संभाल लेना उसे


17 अक्टूबर 2016 को हमने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, तब जगदीश ने घर आकर धमकाते हुए कहा था- क्या हुआ तेरी छोरी का? संभाल लेना उसे। आजकल तुम बहुत तेज चल रहे हो। फिर 18 तारीख को हम थाने से आए तो उसने उसके ऑफिस बुला लिया था। वहां धमकाया कि तेरी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट में हमारा नाम जोड़ा तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे। अगले दिन अपने घर समाज के कुछ बड़े लोगों को बुलाकर हम पति-पत्नी को फिर बुलाया और धमकाया। हम पर कोई आरोप मत लगाना। 20 अक्टूबर को जगदीश का बड़ा भाई बाबूलाल घर आया और मेरे भाई विजय, भाभी को धमकाकर गया। हम पहले तो समझ नहीं सके। फरवरी 2017 में पुलिस ने ट्विंकल की मोबाइल लोकेशन के आधार पर जगदीश और उसके बेटों पर अपहरण का केस दर्ज किया तो हमारा शक गहरा गया। हमने उनके खिलाफ पुलिस को खुलकर जांच करने के लिए कहा, लेकिन सुदर्शन गुप्ता के दबाव में पुलिस करोतिया पर हाथ नहीं डाल सकी।


राशन कार्ड बंद करवा दिया, हमें गहने-बर्तन तक बेचना पड़े


करोतिया ने मेरी जूते-चप्पल की दुकान भाजपा नेता से दबाव डलवाकर बंद करवा दी थी। हमारा गरीबी रेखा के अंतर्गत बना राशन कार्ड बंद करवा दिया। इस कारण मेरे छोटे बेटे की पढ़ाई तक रुक गई। घर में खाने-पीने के लाले पड़े तो हमें पत्नी की ज्वेलरी, टीवी, बर्तन व अन्य सामान तक बेचना पड़ा।


थाने में पुलिस के सामने ही दे दी जान से मारने की धमकी


पुलिस ने अहमदाबाद में बीईओएस टेस्ट करवाया था। इसके बाद पुलिस का शह हम पर से हटकर जगदीश पर गया था। तब जगदीश ने थाने में हमें जान से मारने की धमकी दे दी थी। तब हमने यही कहा था बेटी को तो मार डाला है। हमें भी मार दे, लेकिन पुलिस गंभीर नहीं थी।


करोतिया ने सीने में दर्द बताया तो एमवाय अस्पताल में किया भर्ती


पुलिस को आरोपियों का रिमांड मिला है। जगदीश ने रिमांड के दौरान सीने में दर्द उठने की बात कही। इसके बाद डाॅक्टरों के कहने पर उसे एमवायएच में भर्ती किया है। वहीं, उसके तीनों बेटों को घटना स्थल पर ले जाकर उनसे पूरा विवरण जानना है। पुलिस ने चश्मदीद रहे करोतिया के नौकर लखन के बयान करवाए हैं। उधर, ट्विंकल के माता-पिता ने गृह और जिले के प्रभारी मंत्री बाला बच्चन से मिलकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।


हम धरने पर बैठे तो अफवाह फैला दी कि ट्विंकल को चौराहे पर देखा है


जगदीश ने राजेंद्र रघुवंशी नामक व्यक्ति के माध्यम से अफवाह फैलाई कि ट्विंकल को उसने रीगल चौराहे पर देखा है। ऐसे में हमारे धरने के प्रति गंभीर होने के बजाय पुलिस चौराहे पर लगे कैमरों से तलाश में जुट गई। जब मेरी पत्नी ने ठीक से जांच नहीं होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी तो उन्होंने अफवाह फैला दी कि ट्विंकल राजस्थान में है।

नाश्ता लेने जा रही थी, तभी कर लिया था अपहरण, रात में कर दी हत्या

भाजपा नेता जगदीश करोतिया के बेटे अजय ने पुलिस को बताया कि 16 अक्टूबर 2016 को ट्विंकल घर से नाश्ता लेने जा रही थी। तभी उसका अपहरण कर घर ले गए और रात में उसकी हत्या कर दी। अगले दिन सुबह उसका शव कार में रखकर टिगरिया बादशाह इलाके में अगरबत्ती फैक्टरी के पास ले जाकर जला दिया था। अजय ने पुलिस को बताया कि वह और पिता जब शव जला रहे थे तो फैक्टरी के एक चौकीदार ने उन्हें देख लिया था। तब पिता ने उसे यह बोलकर भगा दिया था कि कुत्ता मर गया है, उसे जला रहे हैं। इस पर चौकीदार चला गया था। फिर नगर निगम के तीन कर्मचारियों से जले हुए स्थान पर कचरा डलवा दिया था। इसके बाद आग भी लगा दी थी। बाद में जले हुए कचरे को नाले में बहा दिया गया। उसमें ट्विंकल के शव के टुकड़े और अवशेष भी बह गए थे। वहीं, हत्या की बात मेरी मां को पता चली थी तो वह बेहोश हो गई थी। बाद में उसे उज्जैन के किसी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था।

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