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IPL सिग्नल चोरी मामला : आरोपी हरेश की तलाश में गुजरात जाएगी पुलिस, सरगना अमित की एफबी पोस्ट के जरिए तलाश

हरेश और पूनम आरोपी अमित के रुपयों के हेरफेर का काम देखते थे। ये तीन-तीन महीने के लिए वर्क वीजा पर दुबई जाते थे।

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 12:57 PM IST
इंदौर पुलिस हरेश चौधरी की तलाश में गुजरात जाएगी। इंदौर पुलिस हरेश चौधरी की तलाश में गुजरात जाएगी।

इंदौर. इंदौर आईपीएल मैच के सिग्नल चोरी कर उसे सट्टे की वेबसाइट पर चलाकर सट्टेबाजी करने वाले हरेश काे पुलिस ने आरोपी बनाया है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में गुजरात जा रही है। हरेश के साथ ही पुलिस को सरगना अमित मजीठिया की भी तलाश है। अमित 6 जून तक फेसबुक पर एक्टिव था और उसने क्रिकेट बैटिंग व फिक्सिंग को लेकर एक पोस्ट भी किया था। उधर, अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार हरेश की पत्नी पूनम को जेल भेज दिया गया है।

- राज्य साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में पूनम चौधरी को अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया। उससे कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। साइबर सेल ने पूनम के पति हरेश चौधरी को आरोपी बना लिया है। उसके खिलाफ भी लुक आउट नोटिस किया गया है। जिस दिन पूनम दुबई से अहमदाबाद आई थी। उसके साथ हरेश भी था, लेकिन पूनम के पकड़ाने पर वह भाग गया था। पूनम की गिरफ्तारी के पहले 6 जून तक फेसबुक पर अमित भी सक्रिय था। बता दें कि पुलिस आरोपी अंकित जैन और पूनम को गिरफ्तार कर चुकी है।

सरगना अमित का एफबी पोस्ट
- एसपी सिंह ने बताया अमित मजीठिया द्वारा कुछ दिनों पहले तक फेसबुक का इस्तेमाल किया जा रहा था। उसने फेसबुक पर एक शायरीनुमा पोस्ट डाली थी। पोस्ट में उसने लिखा है कि 'ये रेस अमित ने शुरू की थी। जब अमित जाएगा, सबको लेकर जाएगा, अच्छा है मेरे दुश्मन भी मेरे ठीक रहने की दुआ करें, क्योंकि जैसे क्रिकेट में एम्पायर और पिच जरूरी है, फिल्म में हीरो और आइटम नंबर जरूरी हैं वैसे ही बैटिंग लाइन में फिक्सिंग और हम जरूरी हैं...सो कीप स्माइलिंग एंड वेट फॉर नेक्स्ट अपडेट। यह पोस्ट अमित ने 6 जून को जारी की थी। पूनम की गिरफ्तारी के बाद उसने अपना फेसबुक अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर दिया है। साइबर सेल द्वारा इसकी जानकारी निकाली जा रही है।

ऐसे हुआ था खुलासा

- बता दें कि इस गिरोह ने इंदौर में 12 व 14 मई को किंग्स इलेवन पंजाब के साथ कोलकाता और बेंगलुरू के मैच के सिग्नल चोरी किए थे। इंदौर में आईपीएल की प्रसारण कंपनी की अधिकृत एजेंसी के प्रतिनिधि मैनेजर अशोक यादव ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद साइबर सेल को गिरोह के बारे में पता चला था। साइबर सेल ने मामले में अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य अंकित जैन को विदिशा से गिरफ्तार किया था। अंकित ने गिरोह के सरगना अमित मजीठिया, हितेश खुशलानी व हरेश चौधरी और पूनम चौधरी का नाम बताया था। इसके बाद पुलिस ने पूनम को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। अन्य सदस्यों की पुलिस तलाश में है।

ऐसे आई थी पूनम पुलिस गिरफ्त में...

- राज्य साइबर सेल इंदौर एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पूनम चौधरी, अमित मजीठिया, हितेश खुशलानी और हरेश चौधरी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। 8 जून को सुबह 4 बजे दुबई से अहमदाबाद आई प्लाइट से जैसे ही पूनम उतरी साइबर सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से मिली रिमांड के बाद पुलिस शनिवार सुबह उसे लेकर इंदौर पहुंची।

- पूनम ने पूछताछ में सट्टेबाजी को लेकर कई खुलासे किए हैं। उसने कबूला है कि उसने अपने अकाउंट से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए डोमेन को 36 माह तक सुरक्षित रखने के लिए वेबसाइड को पेमेंट किया था। पेमेंट के बदले अमित ने उसे करीब डेढ़ लाख रुपए दिए थे। पूनम ने बताया वह और उसका पति हरेश दोनों अमित के रुपयों के लेनदेन को देखते हैं।

परिवार की मर्जी के बिना की थी शादी

-पूनम ने बताया कि वह और हरेश स्कूल से एक-दूसरे को जानते हैं। जनवरी 2018 में उसने और हरेश ने परिवार की मर्जी के बिना लव मैरिज की थी। उसने बताया कि गिरोह के सदस्य तीन-तीन महीने के वर्क परमिट पर दुबई जाते थे। पिछले महीने ही वह हरेश के साथ यूक्रेन गई थी।

- उसने बताया कि अमित के कारोबार में उसकी पत्नी रिया भी बराबर की साथी है। अमित को कैसिनो का शौक है और वह लगातार नेपाल, लंदन, बहरीन, कुवैत सहित कई देशों में घूमता रहता है।

सिग्नल चोरी के लिए किए 3 करोड़ रुपए तक खर्च

- उधर, पहले ही गिरफ्त में आ चुके अंकित से पुलिस को सिग्नल चोरी करने के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल करने की बात पता चली थी, उसके लिए आरोपियों ने 50 लाख से तीन करोड़ रुपए तक खर्च किए होंगे। गिरोह ने इसके लिए वेबसाइट 17 अप्रैल को तैयार की थी। वेबसाइट पर अमित मजीठिया का रजिस्टर्ड इमेल आईडी व मोबाइल नंबर डला था। अमित के बैंक खाते में डेढ़ करोड़ से ज्यादा रुपए मिले थे। अंकित से पूछताछ में मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात के भी एजेंटों की जानकारी मिली थी।

लंदन की एक वेबसाइट की फ्रेंचाइजी भी इनके पास

- पूछताछ में पता चला था कि अमित मजीठिया ने लंदन की एक सट्टेबाजी की वेबसाइट की फ्रेंचाइजी भी ले रखी है। वहीं हितेश खुशलानी मुंबई में जिस फ्लैट में रहता है, उसका किराया डेढ़ लाख से ज्यादा है।

सिग्नल चुराकर ऐसे करते थे सट्‌टेबाजी
- ग्राउंड पर चल रहे मैच के सिग्नल सैटेलाइट के जरिए टीवी तक पहुंचते थे। टीवी पर हर बॉल 8 सेकंड बाद दिखती थी।
- आठ सेकंड के इसी मार्जिन का फायदा उठाकर आरोपी मैच लाइव होने से पहले सट्‌टेबाजी कर लेते थे।

अलग-अलग थे कोड

- अंकित जैन का सट्टे का कोड पारस 26 तो अमित का एजी 93 और एजी 3 था। स्काई एक्सचेंज द्वारा अमित को भारत का ऑथोराइज्ड एजेंट घोषित किया गया है। अंकित ने विदिशा के एक रेलवे रिजर्वेशन एजेंट नयन गोयल के माध्यम से अमित मजीठिया के बताए बैंक खाते में तीस बार में 8 लाख से ज्यादा जमा कराए थे।

पांच नंबरों पर वाट्सएप चला रहा था आरोपी अमित
- अंकित से पता चला कि कई ऐसी वेबसाइट हैं, जिनका इस्तेमाल भारत में सट्‌टेबाजी में हो रहा है। मोबाइल में कई ऐसी एप्लीकेशन हैं, जिनके माध्यम से कुछ सेकंड पहले ही हर बॉल देख सकते हैं। मुख्य सरगना अमित द्वारा पांच मोबाइल नंबरों पर वाट्सएप का इस्तेमाल किया जा रहा है। वाट्सएप की डीपी के माध्यम से बुकियों को जानकारी दी जाती है। अमित द्वारा खुद का कस्टमर केयर नंबर भी चलाया जाता है, जिन पर बुकी बात करके किन खातों में रुपए जमा करना है इसकी जानकारी लेते हैं।

पाकिस्तान सुपर लीग के मैचों पर भी सट्टेबाजी
- अंकित से साइबर सेल को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली थी। आरोपी पाकिस्तान सुपर लीग के मैचों पर भी सट्‌टा चला चुके हैं। गिरोह ने बुकियों के लिए कस्टमर केयर नंबर तक जारी कर रखा था। सिंह के मुताबिक अंकित जैन से जानकारी मिली है कि अमित मजीठिया बुकियों से बैंक खातों में रुपए जमा करवाता है। रुपए जमा होने पर वह वेबसाइट की लिंक, पासवर्ड और कोड देता है। इसके साथ ही सट्टा चलाने के लिए यूनिट देता था। इसमें 50 और 100 रुपए का एक यूनिट होता था। अमित के पास दो सौ खाते हैं, जिनमें वह बुकियों से रुपए डलवाता था।

एक वेबसाइट पाकिस्तान के सिंध प्रांत से संचालित
- आईपीएल में मैच के सिग्नल जिस वेबसाइट पर चोरी किए गए, वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लाड़काना के जिला काशमोर से संचालित की जा रही है। इसे खान सोहागी द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस वेबसाइट का इस्तेमाल कई लोगों द्वारा कोड को डिकोड करने के लिए किया जाता है। खासकर हैकरों द्वारा। साइबर सेल को भोपाल से भी कुछ बुकियों के बारे में जानकारी मिली है।

अमित ने 6 जून को यह पोस्ट डाली थी। अमित ने 6 जून को यह पोस्ट डाली थी।
पुलिस ने पूनम को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पूनम को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था।
पूरे खेल का मास्टर माइंड अमित पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पूरे खेल का मास्टर माइंड अमित पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
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इंदौर पुलिस हरेश चौधरी की तलाश में गुजरात जाएगी।इंदौर पुलिस हरेश चौधरी की तलाश में गुजरात जाएगी।
अमित ने 6 जून को यह पोस्ट डाली थी।अमित ने 6 जून को यह पोस्ट डाली थी।
पुलिस ने पूनम को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था।पुलिस ने पूनम को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था।
पूरे खेल का मास्टर माइंड अमित पुलिस की गिरफ्त से दूर है।पूरे खेल का मास्टर माइंड अमित पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
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