उज्जैन / खुद को नेपाली उपराष्ट्रपति का सलाहकार बताने वाला जयपुर का हिस्ट्रीशीटर निकला

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

  • पुत्र-भाई के साथ गिरफ्तार  दस साल से सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे

दैनिक भास्कर

Feb 01, 2020, 07:10 AM IST

उज्जैन . नेपाल के उपराष्ट्रपति के विशेष सांस्कृतिक सलाहकार बताकर उज्जैन के सर्किट हाउस में रुके जयपुर के तीन लोगोंे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जयपुर के महावीरप्रसाद तोरडी उसके बेटे प्रमोद शर्मा व भाई कुलदीप शर्मा तीनों अंतराज्यीय आरोपी हैं। महावीर जयपुर पुलिस का हिस्ट्रीशीटर है। तीनों नलखेड़ा से बगलामुखी माता के दर्शन कर उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्मारती दर्शन के लिए गुरुवार शाम सर्किट हाउस में आकर रुके थे।

इनके लिए पुलिस ने प्रोटोकाॅल में फॉलोगार्ड भी लगाया लेकिन शंका होने पर तीनों संतोषजनक जवाब नहीं देने से पकड़े गए। एसएसपी सचिन अतुलकर ने शुक्रवार शाम खुलासा करते हुए बताया कि ये लोग खुद को नेपाल के उपराष्ट्रपति का विशेष सांस्कृतिक सलाहकार बताकर 2010 से सरकारी सुविधा का लाभ लेकर अंतरराज्यीय स्तर पर धोखाधड़ी कर रहे थे। ये लोगों को अपना प्रभाव दिखाकर नेपाल समरसता यात्रा के नाम पर रुपए एेंठते थे। उज्जैन में जनवरी 2018 में भी फाॅलोगार्ड की सुविधा लेकर महाकाल दर्शन कर चुके थे लेकिन दूसरी बार में आईबी के अलर्ट की वजह से पकड़े गए।

18 मामले दर्ज : नेपाल और भूटान में भी की धोखाधड़ी

शुक्रवार शाम एसएसपी अतुलकर  ने खुलासा करते हुए बताया कि तोरडी को लेकर दो दिन पहले ही आईबी का अलर्ट मिला था। उसके खिलाफ जयपुर के थानों में धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में 18 मामले दर्ज है। नेपाल के अलावा भूटान में भी आरोपी धोखाधड़ी करना बता रहे हैं।

ऐसे पकड़ाए... निजी कार में आने से हुई शंका, श्रेणी पूछी तो नहीं दे पाया जवाब
तोरडी पहले पुलिस के पायलट वाहन से बेटे व भाई के साथ नलखेड़ा में बगलामुखी मंदिर मंदिर गया। यहां तहसीलदार ने अगवानी की और विशेष पूजन अर्चन कराया। इसके बाद पायलट वाहन तीनों को लेकर गुरुवार शाम उज्जैन सर्किट हाउस पर पहुंचा। यहां वीवीआईपी अगवानी में जीवाजीगंज सीएसपी एआर नेगी की ड्यूटी थी। निजी कार में वीआईपी के आने से उन्हें शंका हुई तो पूछा कि आपको कौनसी श्रेणी मिली हुई है, तोरडी इसका जवाब नहीं दे पाया। नेपाल के उपराष्ट्रपति कार्यालय का नंबर भी उसे मालूम नहीं था। सीएसपी ने बाहर आकर एसएसपी सचिन अतुलकर को फोन किया। इसके बाद एएसपी रूपेश द्विवेदी, साइबर सेल प्रभारी राजाराम वास्कले और आईबी के अधिकारी पहुंचे। ढाई घंटे वहीं पूछताछ की। इस दौरान साइबर सेल ने जयपुर से तोरडी का रिकार्ड मंगवा लिया। पुलिस इसके बाद तीनों को थाने ले गई।

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