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इंदौर/भोपाल. मध्य प्रदेश में राजनीतिक गुणा-भाग के साथ भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने तंत्र-मंत्र का सहारा भी लेना शुरू कर दिया है। सूत्रों का दावा है- दतिया के पीताम्बरा पीठ और यही के पंचकोटि टोरिया नाम के श्मशान में एक पार्टी के लिए और नलखेड़ा में बगलामुखी, उज्जैन में भूखी माता और हरसिद्धि शक्ति पीठ पर दूसरी पार्टी के लिए तांत्रिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। कहां किस दल के लिए अनुष्ठान हो रहा है, यह अभी साफ नहीं है। वहीं, कमलनाथ सरकार पर आए संकट को टालने के लिए महाकाल मंदिर में महामृत्युंजय का जाप किया जा रहा है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के साथ ही कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छा गए हैं। सरकार बचाने के लिए महाकाल मंदिर में अनुष्ठान जारी है, जो संकट टलने तक जारी रहेगा। कांग्रेस नेता राजेश त्रिवेदी का दावा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से मोबाइल पर संकल्प कराकर महाकाल मंदिर में अनुष्ठान शुरू हुआ है। पार्षद माया त्रिवेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार पर आए संकट को टालने और पार्टी छोड़कर गए 22 विधायकों को महाकाल सदबुद्धि दें और उनकी पार्टी में वापसी हो जाए, इसके लिए महाकाल का रुद्राभिषेक और पंचामृत अभिषेक किया गया है।
अन्य मंदिरों में भी हो रहे अनुष्ठान
प्रदेश के कई देवी मंदिरों में तांत्रिक पूजन और अनुष्ठान करवाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के दिग्गजों को तारा देवी का अनुष्ठान करने के लिए भी संकल्प दिलाया गया है। कांग्रेस से जुड़े लोग सत्ता बचाने के लिए अनुष्ठान करा रहे हैं, वहीं भाजपा नेता सरकार गिराने और विरोधियों के विनाश के लिए अनुष्ठान करा रहे हैं। उज्जैन के ज्योतिषि पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि सामान्य तौर पर नेता चुनाव के समय शत्रुनाश के लिए तांत्रिक अनुष्ठान का सहारा लेते हैं। चुनाव में टिकट मिलने से पहले और नतीजों तक लगातार अनुष्ठान चलते रहते हैं। लेकिन, प्रदेश में इस समय सत्ता का संघर्ष चल रहा है। ऐसे में नेता एक बार फिर से सत्ता बचाने और गिराने के लिए अनुष्ठान करा रहे हैं।
बगलामुखी में कई बड़े नेता करवा चुके हैं अनुष्ठान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बेटे और बीसीसीआई के सचिव जय शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल से भाजपा सांसद मालाराज्य लक्ष्मी शाह, राजमाता विजयराजे सिंधिया, पूर्व सपा नेता अमर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह सहित कई बड़े नेता आगर-मालवा स्थित नलखेड़ा बंगलामुखी मंदिर में अनुष्ठान करा चुके हैं।
तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है बगलामुखी मंदिर
मां बगलामुखी मंदिर के पुजारी ने बताया मां बगुलामुखी मंदिर में तंत्र साधना के लिए विशेष संयोग है। मंदिर के चारों तरफ श्मशान और समीप ही नदी के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। पश्चिम में ग्राम गुदरावन, पूर्व में कब्रिस्तान और दक्षिण में कच्चा श्मशान है। बगुलामुखी माता मूलत: तंत्र की देवी हैं, इसलिए यहां पर तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व अधिक है। यह मंदिर इसलिए महत्व रखता है, क्योंकि यहां की मूर्ति स्वयंभू और जाग्रत है।







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