क्राइम / करोतिया ने दिया था ऑफर एक करोड़ रुपए ले लो और केस से हटवा दो मेरा नाम



Karatia had given offer a million rupees and removed from the case
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Karatia had given offer a million rupees and removed from the case

  • भास्कर से बोले ट्विंकल के पिता
  • राजनीतिक दबाव डालकर दुकान बंद करवा दी तो छोटे बेटे की पढ़ाई रुक गई

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 07:17 AM IST

इंदौर (सुमित ठक्कर). कांग्रेस नेत्री ट्विंकल डागरे हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। ट्विंकल के पिता संजय डागरे ने भास्कर से चर्चा में आरोप लगाया कि बेटी के हत्यारे भाजपा नेता जगदीश करोतिया ने केस को गुमराह करने के कई प्रयास किए। बेटी के अपहरण का केस दर्ज होने के बाद हम पति-पत्नी ने सड़क पर उतरकर विरोध शुरू किया तो करोतिया ने पहले 18, फिर 20 लाख और अंत में किसी प्रजापति को भेजकर एक करोड़ रुपए देने की बात कही थी। कहा था कि केस से उसका नाम हटवा दें। मैंने मना कर दिया तो करोतिया घर आया। मैंने उससे कहा कि एक करोड़ लेकर मैं तुम्हारी बात मान लेता हूं, लेकिन तुम अपने चार बच्चों में से एक को जहर देकर मार दो तो।

आरोपी ने लगातार धमकाया-डराया, फिर भी माता-पिता ने जारी रखा संघर्ष

  1. पिता संजय डागरे ने बताया कि बाद में करोतिया ने अपने यहां काम करने वाले नाबालिग बच्चे से मेरे छोटे बेटे हर्ष पर जानलेवा हमला करवा दिया। जगदीश और उसके बेटे राजनीतिक रसूख व भाजपा नेताओं के माध्यम से दबाव डालते थे। संजय ने बताया कि 17 अक्टूबर 2016 को बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, तब जगदीश ने घर आकर धमकाते हुए कहा था क्या हुआ तेरी छोरी का? संभाल लेना उसे। फिर 18 तारीख को हम थाने से आए तो उसने उसके ऑफिस बुला लिया था। वहां धमकाया कि तेरी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट में हमारा नाम जोड़ा तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे। 20 अक्टूबर को जगदीश का बड़ा भाई बाबूलाल घर आया और मेरे भाई विजय, भाभी को धमकाकर गया। हम पहले तो समझ नहीं सके। फरवरी 2017 में पुलिस ने ट्विंकल की मोबाइल लोकेशन के आधार पर जगदीश और उसके बेटों पर अपहरण का केस दर्ज किया तो हमारा शक गहरा गया। हमने उनके खिलाफ पुलिस को खुलकर जांच करने के लिए कहा, लेकिन सुदर्शन गुप्ता के दबाव में पुलिस करोतिया पर हाथ नहीं डाल सकी।

  2. करोतिया ने मेरी जूते-चप्पल की दुकान भाजपा नेता से दबाव डलवाकर बंद करवा दी थी। हमारा गरीबी रेखा के अंतर्गत बना राशन कार्ड बंद करवा दिया। इस कारण मेरे छोटे बेटे की पढ़ाई तक रुक गई। घर में खाने-पीने के लाले पड़े तो हमें पत्नी की ज्वेलरी, टीवी, बर्तन व अन्य सामान तक बेचना पड़ा।

  3. पुलिस ने अहमदाबाद में बीईओएस टेस्ट करवाया था। इसके बाद पुलिस का शह हम पर से हटकर जगदीश पर गया था। तब जगदीश ने थाने में हमें जान से मारने की धमकी दे दी थी। तब हमने यही कहा था बेटी को तो मार डाला है। हमें भी मार दे, लेकिन पुलिस गंभीर नहीं थी।

  4. जगदीश ने राजेंद्र रघुवंशी नामक व्यक्ति के माध्यम से अफवाह फैलाई कि ट्विंकल को उसने रीगल चौराहे पर देखा है। ऐसे में हमारे आंदोलन के प्रति गंभीर होने के बजाए पुलिस चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से ट्विंकल की तलाश में जुट गई। जब मेरी पत्नी  ने ठीक से जांच नहीं होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी तो उन्होंने अफवाह फैला दी कि ट्विंकल राजस्थान में है।

  5. पुलिस को आरोपियों का रिमांड मिला है। जगदीश ने रिमांड के दौरान सीने में दर्द उठने की बात कही। इसके बाद डाॅक्टरों के कहने पर उसे एमवायएच में भर्ती किया है। वहीं, उसके तीनों बेटों को घटना स्थल पर ले जाकर उनसे पूरा विवरण जानना है। पुलिस ने चश्मदीद रहे करोतिया के नौकर लखन के धारा-164 में बयान करवाए हैं। उधर, ट्विंकल के माता-पिता ने गृह और जिले के प्रभारी मंत्री बाला बच्चन से मिलकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

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