--Advertisement--

कविता रैना हत्‍याकांड पर फैसला कल, आरोपी ने हत्या कर बॉडी के 6 टुकड़े कर नाले में फेंका था

पुलिस ने घटना के 4 महीने बाद 9 दिसंबर 2015 को आरोपी महेश बैरागी को कविता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 06:35 PM IST
kavita raina murder case, Court to judgment in tomorrow indore mp

इंदौर. तीन साल पहले हुए कविता रैना मर्डर केस में जिला कोर्ट आज फैसला सुनाएगी। इस हत्याकांड का खुलासा करना पुलिस के चुनौती बन गया था। अारोपी ने कविता की हत्या कर उसके शव के छह टुकड़े कर बोरी में भरकर नाले में फेंक दिया था। बता दें कि विशेष न्यायाधीश बीके द्विवेदी की अदालत में पिछले सप्ताह ट्रायल पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसले की तारीख 18 मई तय की थी।

क्या है मामला...

- मित्रबंधु नगर निवासी 30 वर्षीय कविता रैना 24 अगस्त 2015 को दोपहर में बच्ची को लेने स्कूल बस स्टॉप गई थी, बच्ची तो बस स्टॉप से घर आ गई, लेकिन कविता नहीं लौटी। तीसरे दिन उसकी लाश छह टुकड़ों में बोरी में भरी तीन इमली चौराहा स्थित पुलिया के नीचे मिली थी। पुलिस ने घटना के चार महीने बाद 9 दिसंबर 2015 को आरोपी महेश बैरागी निवासी आलोक नगर (मूसाखेड़ी क्षेत्र) को कविता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।

- पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल के बाद मार्च 2016 में चार्जशीट पेश की थी। उसके बाद शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक निर्मलकुमार मंडलोई एवं उनके सहयोगी एडवोकेट राकेश पालीवाल ने ट्रायल प्रोग्राम पेश किया था। दो साल तक चली ट्रायल में 41 गवाहों के कथन हुए। अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि गवाहों के कथन से अपराध साबित होता है और अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। बचाव पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट चंपालाल यादव ने क्रास में गवाहों से अत्यंत बारीकी से सवाल किए और अदालत से कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है, इसलिए उसे दोषमुक्त किया जाए।

बचाव पक्ष ने जल्द फैसले के लिए हाई कोर्ट में की थी गुहार
- चालान पेश करने के बाद बचाव पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट यादव ने हाई कोर्ट में वर्ष 2016 में याचिका दायर कर फैसला जल्द करने की गुहार की थी। तब अदालत ने जल्द सुनवाई कर छह माह में फैसला करने के निर्देश ट्रायल कोर्ट को दिए थे।

ये सबूत पेश किए गए

- कविता की स्कूटी नौलखा स्थित स्टेंड पर महेश ही रखने गया था, वहां उससे स्टैड संचालक ने कहा था कि वह गाड़ी का लाॅक नहीं लगाए। इस पर दोनों में बहस भी हुई थी। इसी बहस के कारण स्टैंड संचालक को आरोपी की शक्ल याद रह गई और पहचानने में आसानी हुई।

- कविता रोज स्कूल गई बच्ची को लेने जाती थी और वैभव नगर स्थित इलेक्ट्रानिक्स दुकान के सामने खड़ी होती थी। कविता 24 अगस्त 2015 को लापता हुई थी और उसी दिन उसके पति संजय रैना ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीसरे दिन 26 अगस्त 2015 को कविता की बोरे में बंद छह टुकड़ों में लाश तीन पुलिया के नीचे पाई गई थी।

- 26 अगस्त 2015 को आरोपी महेश इलेक्ट्रानिक्स दुकान पर उस समय का सीसीटीवी फुटेज मांगने गया था, जिस समय कविता उसकी दुकान के सामने खड़ी हुई थी। सीडी में आरोपी महेश इलेक्ट्रानिक्स दुकान पर जाते और आते दिखाई दिया।

मौसेेेेरी बहन से भी थे संबंध

- सरकारी वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपी के संबंध उसकी मौसी की लड़की के साथ भी थे। इन संबंधों के चलते वह गभर्वती हो गई थी इस कारण आरोपी महेश ने उसे गायब कर दिया है जिसका आज तक कोई पता नहीं चल सका। इस संबंध में आराेपी की दुकान पर काम करने वाले नौकर ने पुलिस को बयान भी दिए हैं।

क्यों की थी कविता की हत्या

- आरोपी महेश बैरागी की पत्नी बुटिक संचालित करती थी। बुटिक में कई बार महेश भी बैठता था। इसलिए कविता उसे पहचानती थी। कविता ने उसके पास सलवार सूट सिलने डाला था। कविता वारदात वाले दिन घर से थोड़ा जल्दी निकल गई थी, क्योंकि उसे सूट उठाना था। बुटिक में जब कविता पहुंची तो वहां महेश बैठा था। महेश ने उसे कहा कि नाप में कुछ दिक्कत है, इसलिए उसे नाम देने कारखाने पर चलना पड़ेगा।

- महेश की बातों में आकर कविता उसके साथ कनाड़िया रोड स्थित आईडीए की बिल्डिंग में पहुंची थी। यहां महेश के दोस्त का एक फ्लैट था। कविता जैसे ही फ्लैट में पहुंची महेश उसके साथ गलत हरकत करने गला। वह कविता से संबंध बनाकर उसकी ब्लू फिल्म बनाना चाहता था। कविता के मना करने पर गुस्से में उसने कविता के सिर पर वार कर हत्या कर दी और शव को वहीं छोड़कर वापस आ गया था। रात में वह फिर से फ्लैैट में पहुंचा और वहां उसके शरीर के छह टुकड़े कर शव को बोरे में भरकर कविता के एक्टिवा पर रख नाले किनारे पहुंचा और शव को पुलिया के नीचे फेंककर गाड़ी को बस स्टैंड की पार्किंग में ख़ड़ी कर चला आया था।

ऐसे हुआ महेश पर शक
- पुलिस के सामने आरोपी महेश का नाम कविता के पति संजय ने पहले ही दिन लिया था। पुलिस ने महेश की जानकारी निकाली तो पता चला उसके खिलाफ 2013 में ब्लू फिल्म बनाने और 2014 में धमकी का केस दर्ज है। संजय के कई लड़कियों से संबंध रहे हैं। उसने कविता को टारगेट करने के लिए ही बुटिक के सामने 20 अगस्त को साड़ी की दुकान खोली थी। यह दुकान उसने 8 दिन बाद बंद कर दी थी। महेश उस दुकान पर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज लेने गया था, जहां पुलिस पंहुची थी।

- पुलिस तब से तीन बार महेश को हिरासत में ले चुकी थी। महेश की एक किडनी खराब बताई जाती है। इसके चलते पुलिस उससे घटनास्थल की जानकारी नहीं उगलवा पा रही थी। पुलिस ने योजना के तहत पिछले दिनों उसे छोड़ा और गतिविधियों पर नजर रखी। पता चला वह टीकम नाम के शख्स के फ्लैट पर लड़कियों को ले जाता है, तब वहां छापा मारा गया। यहां से पुलिस को टाइल्स में खून और टांट पर चाकू मिल गया। हत्या के बाद महेश ने अपने व कविता के कपड़े जला दिए थे।
- मामले के खुलासे के लिए कविता से जुड़े 177 लोगों को शक के दायरे में रखा गया और उनसे लगातार पूछताछ की गई। इनमें दूध व सब्जी वाले, प्लम्बर, ठेकेदार, दोस्त और मिलने वाले थे। शहर में हर उस स्थान को चिह्नित किया, जहां कविता पिछले 10 साल से जा रही थी। इनमें रिश्तेदार के घर, दुकानें, बाजार, बच्चों के स्कूल तक को शामिल किया।

- कविता की दोस्ती और दुश्मनी के हर बिंदु पर की जांच। नौलखा बस स्टैंड की पार्किंग से बरामद कविता की एक्टिवा में मिले पेट्रोल की मात्रा को लेकर भी जांच की। पड़ताल की कि वह कितने लीटर पेट्रोल में कहां तक घूमी होगी? उन इलाकों के अंतिम पाइंटों पर जाकर चेकिंग की।

- पूरे घटनास्थल का रेडियस 10 किलोमीटर का था। इस दायरे में बिंदुवार घटनास्थलों पर पहुंचकर जांच की और साक्ष्य जुटाए। 100 लोग आरोपी के रूप में ट्रेस किए। पुलिस को महेश की गतिविधियाें पर शंका हुई और अंतत: उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


X
kavita raina murder case, Court to judgment in tomorrow indore mp
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..