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किसान फिर नाराज, अगले माह गांव बंद का ऐलान, प्रशासन चौकन्ना

एक बार फिर देवास जिले में किसान आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि इसे गांव बंद नाम दिया है। इस संबंध में 1 मई...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 02:05 AM IST
एक बार फिर देवास जिले में किसान आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि इसे गांव बंद नाम दिया है। इस संबंध में 1 मई को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ मप्र ने खुलकर सामने आते हुए मांगों को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप दिया। देवास जिलाध्यक्ष मानसिंह कोठारी ने कहा मध्यप्रदेश के किसान एवं मजदूूर पिछले 1 वर्ष से अपनी मांगों को लेकर अनेक बार ज्ञापन, धरना व रैलियों के माध्यम से सरकार को अवगत करा चुके हैं लेकिन सरकार द्वारा आज तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इधर, आंदोलन की सुगबुगाहट के बाद सरकार ने खुफिया तंत्र को सतर्क कर दिया है। पिछले साल सरकार किसानों के गुस्से को भांप नहीं पाई थी जिस कारण सबसे उग्र और हिंसक आंदोलन देवास में हुआ था। कई थाने, चौकी फूंक दिए गए थे, सैकड़ों वाहन जलाए थे तब सरकार हरकत में आई थी। सरकार ने इस मामले में जिला प्रशासन से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।

संगठन ने ज्ञापन में कहा कि मंदसौर गोलीकांड के बाद 2 किसानों की पुलिस द्वारा पीट पीट कर हत्या कर दी गई, उन पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज कर गोलीकांड के दोषियों को सजा दी जाए।

मजदूर संघ के ज्ञापन में मंदसौर गोलीकांड की नए सिरे से जांच सहित अनेक मांगें









निश्चित अवधि में मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चित आंदोलन

मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान महासंघ के तत्वावधान में पुन: 1 से 10 जून तक गांव बंद आंदोलन किया जाएगा एवं निश्चित अवधि में मांग पूरी नहीं होने पर गांव बंद आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष कोषाध्यक्ष रूगनाथसिंह सैंधव, जिला संयोजक गगनसिंह पटेल, बागली तहसील अध्यक्ष संतोष लटियाल, तहसील मंत्री रविन्द्र पटेल, अम्बाराम अर्गुली, जिला सहमंत्री सलीम शेख, मदनलाल चौधरी, भगवानलाल चौधरी, ईश्वरीलाल पटले, परमानंद पटेल, हरिसिंह सैंधव, संदीप प्रजापति आदि उपस्थित थे।