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हाटपिपल्या-बागली के लिए नदी आधारित योजना तैयार

भास्कर संवाददाता | हाटपिपल्या/बागली हाटपिपल्या व बागली विधानसभा लोगों के लिए अच्छी खबर है। मप्र शासन द्वारा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 02:10 AM IST

भास्कर संवाददाता | हाटपिपल्या/बागली

हाटपिपल्या व बागली विधानसभा लोगों के लिए अच्छी खबर है। मप्र शासन द्वारा नगर परिषद की महती पेयजल योजना कार्यरूप में परिणित होने के अंतिम चरण में है। जिले में पहली बार बोरवेल आधारित योजना के स्थान पर नदी आधारित योजना तैयार की गई है। जिसमें क्षेत्र की प्रमुख कालीसिंध नदी को आधार बनाया गया है। जिससे दोनों नगर परिषदों को जलसंकट से निजाद मिल सकेगी। योजना लोकार्पित होने के बाद जल भंडारण की अवधारणा समाप्त होगी और रहवासियों को 24 घंटे पानी मिलेगा। जिसमें मीटर के आधार पर जलकर की बिलिंग होगी।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत निर्मित स्कीम में आगामी 30 वर्षों के दौरान बढ़ने वाली जनसंख्या को लक्ष्य किया गया है। इस अनुसार यह योजना वर्ष 2048 तक प्रासंगिक रहेगी। योजना की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ है। जिसमें बागली का हिस्सा 18.20 करोड़ है और शेष हाटपीपल्या का। पेयजल योजना के लिए कालीसिंध नदी पर स्टॉप डेम का चैनल निर्मित होगा। जिसमें देवगढ़ के समीप नदी पर दो और मोखपिपल्या में एक स्टॉप डेम का निर्माण होगा। साथ ही नदी का जल संग्रहण क्षेत्र बढ़ाने के लिए उसकी गाद भी निकाली जाएगी।

दोनों का फिल्टर प्लांट एक ही रहेगा : योजना के तहत जल प्रदाय के लिए हाटपिपल्या का संयुक्त फिल्टर प्लांट निर्मित होगा। जिसका निर्माण हाटपिपल्या के राजेंद्रनगर में होगा। पानी के फिल्टर होने के बाद बागली के हिस्से का जल उसे दे दिया जाएगा। योजना में दोनों नगर परिषदों में विभिन्न स्थानों पर टंकियों का निर्माण होगा। जिससे सभी घरों के समान दबाव अनुसार जल वितरण होगा।

जल्द योजना फ्लोअर पर होगी

हाटपिपल्या व बागली को दी गई एक महती सौगात है। जिसके पूर्ण होने पर हम दिल्ली के समकक्ष हो जाएंगे। जिसमें बागली व हाटपिपल्या के रहवासियों को 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति होगी। जल भंडारण की जरूरत नहीं होगी। जल्द ही योजना फ्लोर पर होगी और आशा है कि आगामी गर्मियों में दोनों नगर परिषदों के रहवासियों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।” दीपक जोशी, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास राज्यमंत्री

योजना के सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं

नलजल योजना के लिए कुछ और भी प्रस्ताव थे। लेकिन हमने इस साझा उपक्रम को चुना। वर्तमान योजनाएं आउटडेटेड हो चुकी हैं। गर्मियों में जल प्रबंधन आसान नहीं होता। योजना से जुड़े सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए है। अब टैंडर प्रक्रिया आरंभ होगी। अमोल राठौर, अध्यक्ष नगर परिषद बागली

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