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पेंशनर महासंघ ने सातवें वेतनमान के लिए धरना देकर सौंपा ज्ञापन

सातवें वेतनमान की मांग को लेकर सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर महासंघ के तत्वावधान में जिलास्तर पर गठित...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:15 AM IST

सातवें वेतनमान की मांग को लेकर सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर महासंघ के तत्वावधान में जिलास्तर पर गठित संयुक्त मोर्चा के सहयोग से सोमवार को धरना दिया गया।

धरना प्रात: 11 बजे से मंडूक पुष्कर धरनास्थल पर प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात दोपहर 1 बजे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बताया गया कि वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में बजट भाषण के दौरान 28 फरवरी 2018 को विधानसभा में घोषणा की गई थी कि 1 जनवरी 16 के पूर्व शासकीय सेवा से सेवानिवृत्तों को देय पेंशन एवं परिवार पेंशन में वृद्धि विचाराधीन रही है। इन्हें देय पेंशन में 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि का प्रस्ताव लाया गया है। मप्र शासन द्वारा प्रदेश में कार्यरत शासकीय एवं दिनांक 1 जनवरी 2016 से सेवानिवृत्त हुए शासकीय कर्मचारियों को 2.57 की दर से सांतवें वेतनमान का लाभ दिया गया है। भारत सरकार एवं अन्य राज्यों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 2.57 की दर से सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया है, जबकि वित्तमंत्री द्वारा विधानसभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देय पेंशन में 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि प्रस्तावित है जो न्यायोचित नहीं है। प्रदेश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि केन्द्र एवं प्रदेश के कर्मचारियों के समान सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सातवें वेेतनमान का लाभ एक समान नहीं दिया जा रहा है। संचालन एवं वाचन सचिव गेरूलाल व्यास ने किया। संयोजक डॉ. एमवी भाले, जीएस कुमावत, सह संयोजक पद्माकर फडनीस, जीएल व्यास, एसएम लाम्बोरे, ओपी तिवारी, गंगासिंह सोलंकी, अरविंद पाण्डे, केसी नागर, श्रीधर पाठक, श्रीधर बागलीकर, बाबूलाल जैन, एसएस कारपेंटर, प्रदेश मंत्री देवकरण शर्मा, एसके शाह, बीएल व्यास आदि कर्मचारी उपस्थित थे। आभार कोषाध्यक्ष एसएम लांबोरे ने माना।

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