Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Bhaiyuu Ji Will In Suicide Note Under Doubt

भय्यू महाराज ने सुसाइड नोट में सेवादर को बताया उत्तराधिकारी, वसीयत की तरह लिखी दो लाइन से विनायक को नहीं मिलेगा संपत्ति का मालिकाना हक

महाराज ने सुसाइड नोट में भले ही विनायक को उत्तराधिकारी बताया हो, लेकिन ट्रस्टियों का मानना है कि अभी ऐसा कुछ नहीं है।

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 08:07 AM IST

  • भय्यू महाराज ने सुसाइड नोट में सेवादर को बताया उत्तराधिकारी, वसीयत की तरह लिखी दो लाइन से विनायक को नहीं मिलेगा संपत्ति का मालिकाना हक
    +2और स्लाइड देखें
    भय्यू महाराज का सेवादार विनायक और पत्नी आयुषी के साथ महाराज।

    इंदौर।भय्यू महाराज की मौत के बाद श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट को कौन संचालित करेगा, सबसे बड़ा सवाल यही है। इसका जवाब 15 दिन बाद मिलेगा, जब ट्रस्ट की बैठक होगी। महाराज ने सुसाइड नोट में भले ही विनायक को उत्तराधिकारी बताया हो, लेकिन ट्रस्टियों का मानना है कि अभी ऐसा कुछ नहीं है। ट्रस्ट के ज्यादातर काम जनसहयोग से होते थे, जिसमें महाराज के आह्वान पर लोग तन, मन, धन से सहयोग करते थे। ट्रस्टियों का मानना है कि प्रकल्प चलाने में फंड की समस्या आएगी। इसकी व्यवस्था कैसे होगी, यह बैठक में मुख्य मुद्दा होगा।

    150 जगह स्मृति स्वरूप होगा निर्माण
    - भय्यू महाराज की दो समाधि और एक छत्री बनाई जाएगी। एक समाधि महाराष्ट्र स्थित खामगांव और दूसरी इंदौर स्थित आश्रम में जहां गादी है वहां बनेगी।

    - महाराज जमींदार ताल्लुक रखते थे, इसलिए छत्री शुजालपुर में बनाई जाएगी। यही उनके परिवार की परंपरा है। ट्रस्टी संजय यादव के अनुसार, तीनों जगह जल्द ही विधि-विधान से काम शुरू कर दिया जाएगा।

    - महाराष्ट्र के ऐसे 150 स्थान, जहां उनके प्रकल्प चलते थे वहां भी स्मृति स्वरूप निर्माण किया जाएगा।

    2002 में महाराष्ट्र में लिया था लाइसेंस
    - भय्यू महाराज ने जिस रिवाॅल्वर से आत्महत्या की, उसका लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आई थी।

    - डीआईजी ने बताया कि जांच में पता चला कि महाराज ने 2002 में वाशिम (महाराष्ट्र) में रिवाॅल्वर का लाइसेंस बनवाया था।

    - इसे 2012 में बुलढाणा में ट्रांसफर करवाया था। वहां इस जानकारी की तस्दीक की गई, जो सही निकली।

    - वहीं महाराज ने खुद को गोली बेटी के कमरे में मारी थी। इसलिए पुलिस वे वहां सुसाइड नोट की तलाश की। उनके बिस्तर के पास टेबल में रखी डायरियां खंगालीं।

    - एक डायरी मिली, जिसके दो पेज पर सुसाइड नोट था। बाकी पेज खाली थे।

    आत्महत्या से गलत संदेश जाएगा : कम्प्यूटर बाबा
    - राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने नीमच में कहा कि भय्यू महाराज के परिवार में तनाव था। शायद इसलिए ही उन्होंने यह कदम उठाया।

    - वे ज्ञान का संदेश देते थे। उनके लाखों अनुयायी थे। उनकी आत्महत्या से समाज में गलत संदेश जाएगा।

    - गौरतलब है प्रदेश सरकार ने कम्प्यूटर बाबा के साथ ही भय्यू महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। हालांकि भय्यू महाराज ने सरकार का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

    वसीयत की तरह लिखी दो लाइन से सेवादार विनायक को नहीं मिलेगा संपत्ति का मालिकाना हक
    - भय्यू महाराज के सुसाइड नोट के दूसरे पन्ने में लिखा है कि- मैं अपनी सभी वित्तीय, प्रॉपर्टी और बैंक खाते संबंधी साइनिंग अथॉरिटी विनायक को सौंपता हूं, क्योंकि मुझे उस पर पूरा विश्वास है।

    - वसीयत की तरह लिखी गई इन दो लाइनों से यह माना जा रहा है कि महाराज की संपत्ति का पूरा मालिकाना हक विनायक का होगा।

    - सुप्रीम कोर्ट के वकील और मुंबई के चैंबर ऑफ टैक्स कंसल्टेंट के प्रेसीडेंट अजय सिंह का कहना है कि इन लाइनों से साफ है कि महाराज की मंशा विनायक को केवल एक्जीक्यूटर बनाने की है।

    - उन्होंंने कहीं भी मालिकाना हक वाली बात नहीं लिखी है और केवल साइनिंग अथॉरिटी बनाया है। यानी, विनायक का जिम्मा होगा कि वह संपत्ति के संबंध में कानूनी प्रक्रिया करके महाराज के जो भी वैधानिक वारिस हैं।

    - उन्हें दायित्व सौंपे। सिंह ने कहा कि विभिन्न कानूनी वाद में यह बात तय होती है कि मालिकाना हक के लिए स्पष्ट शब्दों में वसीयत होती है और विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जो वारिस है, उनका हक नहीं जाता है।

    - वरिष्ठ पंजीयक वकील पं. देवीप्रसाद शर्मा का कहना है कि डायरी में लिखी लाइनों को वसीयत का दर्जा नहीं मिलता है।

    - वसीयत भले ही रजिस्टर्ड नहीं हो, लेकिन यह व्यवस्थित तरीके से लिखी गई होना चाहिए।

    - इसमें ऐसा नहीं है और इसमें संपत्ति को हैंडल किस तरह किया जाए, केवल इसकी प्रक्रिया की बात कही गई है। इसकी कोई वैधानिकता नहीं है।



  • भय्यू महाराज ने सुसाइड नोट में सेवादर को बताया उत्तराधिकारी, वसीयत की तरह लिखी दो लाइन से विनायक को नहीं मिलेगा संपत्ति का मालिकाना हक
    +2और स्लाइड देखें
  • भय्यू महाराज ने सुसाइड नोट में सेवादर को बताया उत्तराधिकारी, वसीयत की तरह लिखी दो लाइन से विनायक को नहीं मिलेगा संपत्ति का मालिकाना हक
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Bhaiyuu Ji Will In Suicide Note Under Doubt
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×