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बैंक अफसरों के पास समय नहीं नई पर्ची छपवाने का

इंदौर

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 02:30 AM IST
बैंक अफसरों के पास समय नहीं नई पर्ची छपवाने का
इंदौर
आठ नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी होने के बाद से ही ग्राहक नित नए नियमों से परेशान हैं। मिनिमम बैलेंस से लेकर निकासी तक कई तरह की नई नीतियां लागू हुई हैं। इन सबके बीच ग्राहक सुविधा के नाम पर वही पुराना ढर्रा चला आ रहा है। बैंकों में ढेरों नए नियम लागू हो गए, लेकिन जमा पर्ची आज भी पुरानी ही दी जा रही है। इन पर्चियों में नोटों के प्रकार वाले कॉलम में अब भी 1000 के नोटों का उल्लेख है, जबकि इन नोटों को सरकार पौने दो साल पहले ही बंद कर चुकी है। इसके विपरीत जो नोट चलन में हैं, उनका पर्ची में कॉलम ही नहीं है। नोटबंदी के बाद सरकार ने सबसे पहले 2000 का नोट जारी किया। इसके बाद 200 का नोट चलन में आया।

इन नोटों का जमा पर्ची में जिक्र नहीं होने से ग्राहकों रोज परेशानी झेलना पड़ रही है। हालांकि 500 का नया नोट जारी हुआ, पर उसका असर जमा पर्ची पर नहीं पड़ा, क्योंकि वह अब भी चलन में है। कायदे से नई पर्ची छपवाई जाना चाहिए, लेकिन बैंक अफसरों को इतनी फुर्सत नहीं है कि वह ग्राहकों की सुविधा का ख्याल रख सकें।
जमा पर्ची में 200 और 2000 के नोटों का उल्लेख नहीं

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