Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» बांस के एक टुकड़े से 8 माह में तैयार किए 21 हजार पौधे

बांस के एक टुकड़े से 8 माह में तैयार किए 21 हजार पौधे

वन विभाग के अनुसंधान व विस्तार केंद्र की टिशू कल्चर लेबोरेटरी में बांस के एक टुकड़े से तैयार हुए 21 हजार पौधे इस साल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 02:45 AM IST

बांस के एक टुकड़े से 8 माह में तैयार किए 21 हजार पौधे
वन विभाग के अनुसंधान व विस्तार केंद्र की टिशू कल्चर लेबोरेटरी में बांस के एक टुकड़े से तैयार हुए 21 हजार पौधे इस साल बारिश में लगने के लिए तैयार हैं। अगले साल इस लैब से सवा लाख पौधे तैयार होंगे। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीसी दुबे के मुताबिक लेबोरेटरी में किया गया प्रयोग 100 फीसदी सफल रहा। टिशू पिछले साल अक्टूबर में रखा गया था। आठ माह में यह पौधे तैयार हो गए।

अनुसंधान

जो प्रजातियां विलुप्त हो रहीं उनके पौधे इसी सिस्टम से करेंगे तैयार, अगले साल सवा लाख का लक्ष्य

पत्ती, टहनी या तने से लैब में तीन अलग-अलग चरणों में तैयार होते हैं पौधे

अनुसंधान केंद्र के मुख्य वन संरक्षक मनोज अर्गल के मुताबिक जिस पौधे को तैयार करना हो उसकी पत्ती, टहनी या तने का हिस्सा लेते हैं। रिसर्च स्कॉलर उसमें से टिशू निकालते हैं। टिशू को बैक्टीरिया से मुक्त किया जाता है। इसके लिए तय तापमान में रखते हैं।

फिर टिशू को एक जार में कुछ तरल पदार्थ में रखा जाता है। फिर देखा जाता है कि टिशू में ग्रोथ हो रही है या नहीं। जिनमें ग्रोथ नहीं होती उन्हें हटाकर नए टिशू रखे जाते हैं। टिशू में ग्रोथ होने के बाद उन्हें 20 दिन तक जार में ही रखा जाता है।

जार से निकालकर पॉली हाउस में रखा जाता है। यहां तय तापमान में 21 दिन रखा जाता है। इसके बाद यह पौधे दूसरे पॉली हाउस में रखे जाते हैं, जिनमें तापमान बाहर के मुकाबले ज्यादा होता है। पौधे जब एक फीट तक हो जाते हैं तो वह रोपने के लिए तैयार हो जाते हैं।

बीज के पौधे बनाने में 70 साल का इंतजार

बांस में फ्लावरिंग 70 साल में होती है। यदि बीज से बांस के पौधे तैयार करना है तो इतने वर्ष इंतजार करना होगा। श्रेष्ठ गुणवत्ता का बांस तैयार करने के लिए टिशू कल्चर बेहतर विकल्प है। बालाघाट में सबसे अच्छा बांस पाया जाता है। इसके पौधे भी लैब में तैयार किए जा रहे हैं। जो प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं, उनके पौधे भी इसी सिस्टम से तैयार किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×