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डॉक्टरों को काम करने के लिए भरना होगा पांच साल का बाॅण्ड

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मप्र सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल चिकित्सा शिक्षक आदर्श सेवा नियम 2018 तैयार किया है। इसके...

Danik Bhaskar | Jun 11, 2018, 02:45 AM IST
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मप्र सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल चिकित्सा शिक्षक आदर्श सेवा नियम 2018 तैयार किया है। इसके तहत नियुक्ति से लेकर कार्रवाई तक के अधिकार एक समिति के पास होंगे, जिसके प्रमुख संभागायुक्त होंगे। वेतन निर्धारण के साथ यह भी तय किया गया है कि यहां काम करने वाले डॉक्टर को पांच साल का बाॅण्ड भरना होगा। उन्हें वेतन के अलावा अन्य सहूलियत भी होगी। जैसे इसके अलावा शाम को लगने वाली ओपीडी का 50 फीसदी और ऑपरेशन से मिलने वाले राजस्व पर 20 फीसदी शुल्क भी दिया जाएगा।

इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर शुरू होने हैं। यहां काम करने वाले डॉक्टरों को वेतन भरपूर मिलेगा, लेकिन प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। वेतन डेढ़ लाख से तीन लाख तक होगा। रहने के लिए घर के साथ-साथ साल में दो बार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले डॉक्टरों का खर्च भी सरकार उठाएगी। नॉन -प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) चार गुना तक दिया जाएगा। सुविधाएं उच्च स्तर की होंगी, लेकिन डॉक्टर्स बाहर काम नहीं कर पाएंगे।