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सरस्वती नदी साफ करने में जनसहयोग से 476 घंटे चलीं पोकलेन, पौने दो किमी में निकाली ढाई हजार डंपर गाद

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश से नगर निगम कान्ह और सरस्वती नदी की सफाई कर रहा है। एक महीने पहले जिला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 02:45 AM IST

सरस्वती नदी साफ करने में जनसहयोग से 476 घंटे चलीं पोकलेन, पौने दो किमी में निकाली ढाई हजार डंपर गाद
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश से नगर निगम कान्ह और सरस्वती नदी की सफाई कर रहा है। एक महीने पहले जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई नई मुहिम से भी अब इस अभियान में तेजी आ गई है। कलेक्टर निशांत वरवड़े ने मई में जनसहयोग से काम शुरू करने का अभियान शुरू किया था। इसके तहत 16 मई से 5 जून के बीच 21 दिन में 8 पोकलेन से 476 घंटे काम लिया और ढाई हजार डंपर से ज्यादा गाद निकाली। इस दौरान तेजपुर गड़बड़ी से बिजलपुर गांव के बीच पौने दो किमी लंबाई तक सरस्वती नदी को साफ किया गया।

कलेक्टर वरवड़े ने बताया कुछ निजी कंपनियों ने हमें 15 दिन के लिए नि:शुल्क पोकलेन, जेसीबी उपलब्ध कराई और बाद में रेडक्रॉस में आई दान राशि से रियायती दर पर पोकलेन उपलब्ध हुई, इससे यह सफाई काम चल रहा है। समाजसेवी किशोर कोडवानी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सफाई के काम का किसी भी विभाग पर बोझ नहीं आए, इसके लिए नगर निगम के साथ ही आईडीए, जल संसाधन विभाग को भी साथ लिया गया। नहर भंडारा वाला क्षेत्र आईडीए देख रहा है। बिजलपुर वाला क्षेत्र जल संसाधन विभाग साफ कर रहा है और तेजपुर गड़बड़ी के हिस्से में नगर निगम द्वारा काम किया जा रहा है।

बिजलपुर में नदी की सफाई

कंपनियों ने दी पोकलेन मशीनें, दानदाताओं की मदद से हो रही सफाई

16 किमी लंबी सरस्वती नदी, 230 किमी लंबा उपनदियों का जाल

सरस्वती नदी 16 किमी लंबी है, वहीं कान्ह, सरस्वती के साथ जुड़ने वाली उपनदियों का जाल 230 किमी का है। इसमें पूरे में सफाई जरूरी है। पहले मुख्य नदियों को ले रहे हैं और फिर उपनदियों की सफाई की जाएगी।

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