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"दुनिया का सबसे खुश व्यक्ति वह जो भयमुक्त है और नाकामयाब होने से नहीं घबराता'

\दुनिया का सबसे आनंदित व्यक्ति कौन है? जिसके पास बहुत धन दौलत है? नहीं...संसार का सबसे खुश व्यक्ति वो है जो निडर है। जो...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:00 AM IST

"दुनिया का सबसे आनंदित व्यक्ति कौन है? जिसके पास बहुत धन दौलत है? नहीं...संसार का सबसे खुश व्यक्ति वो है जो निडर है। जो खुद को बेहिचक अभिव्यक्त कर पाता है। जो कुछ नया करने से डरता नहीं, प्रयोग करने से घबराता नहीं। जो नवाचार के सारे ज़ोखिम उठाने का साहस रखता है। जो फेल होने से नहीं डरता... वही है सबसे आंनदित व्यक्ति। भय और हिचक से ऐसी मुक्ति ही स्वर्ग है।'

एनएलपी कोच और ऑथर प्रतीश नायर फ्लो के इवेंट में वुमन आंत्रप्रेन्योर्स से इंटरेक्शन कर रहे थे। उन्होंने कुछ सवाल पूछते हुए इस बात का अहसास कराया कि हम किन बातों में उलझकर लाइफ को कॉम्प्लिकेट कर देते हैं।

गर सपने नहीं देखते तो प्रोग्राम्ड रोबो हैं आप

ड्रीमर्स : पल भर को सोचिए कि क्या आप वो कर रहे हैं जो हमेशा से आपका सपना था। अक्सर लोग हमसे कहते हैं डोंट ड्रीम, बी प्रैक्टिकल। ज़िंदगी में आनंद पाने की राह में यह पहली बाधा है। सपने ही नहीं देखेंगे तो एक प्रोग्राम्ड रोबो हैं आप। जो एफिशिएंट है लेकिन लाइफलेस है।

सर्वाइवर्स : सबसे बड़ा सर्वाइवल है फेल्योर्स को सर्वाइव करना। आप सब मदर्स हैं। आप बपने बच्चों को गिरने से मत रोकिए। बेटियों को बाहर जाने से, दुनिया को अपने तरह से देखने से मत रोकिए। वो हमसे ज्यादा स्मार्ट हैं। उन्हें उनके हिस्से का अनुभव लेने दीजिए। वो उनका हक़ है।

द थ्री "E' ऑफ हैप्पीनेस

बहुत आसान है हल्की फुल्की ज़िंदगी जीना। द थ्री "E' फॉर्मूला याद रखिए।

एक्सप्लोर : हम खुद की नई-नई शिनाख्त नहीं करते। लोगों को एक्सप्लोर नहीं करते।बहुत जल्द खुद के व औरों के बारे में परसेप्शन बना लेते हैं।

सक्सेस : आज और अभी में भरपूर जीना ही सफलता है। लिविंग इन द मोमेंट।

फ्रीडम : मार्क ज़करबर्ग, स्टीव जॉब्स जैसी सफल हस्तियों ने 5 साल उम्र में तो यह तय नहीं किया होगा कि उन्हें क्या बनना है। लेकिन उनके पास एक्सपेरिमेंट करने की, दिल की सुनने की, मन की करने की आज़ादी थी।

ए बिग लाय : बचपन से सुनते आ रहे हैं कि हर चीज़ की एक उम्र होती है। अंत में सब ठीक हो ही जाता है। ये बहुत बड़े झूठ हैं जो हम बच्चों से और खुद से कहते हैं। इसी के चलते बच्चे रिस्क नहीं लेते। 12 साल का बच्चा सफल नहीं हो सकता क्या। हम बड़े ही उनके दिमाग में यह बात डालते हैं कि हर चीज़ की एक उम्र होती है। अभी पढ़ने की उम्र है। बच्चे रिस्क ही नहीं लेते।

एक्सप्रेस : भावनाएं अभिव्यक्त कीजिए। मन में गांठें रखने से कष्ट आप ही को होगा।

एंजॉय : हर पल को जियो। कल क्या होगा। इसके चक्कर में आज को व्यर्थ मत करो।

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