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सरकारी विभाग या निगम सामान बेचता है तो खरीदार को चुकाना होगा जीएसटी

सरकारी विभाग, नगरीय निकाय यदि कोई वाहन, जब्त सामान, स्क्रैप बेचता है तो इसके खरीदार को जीएसटी चुकाना होगा। ऐसा नहीं...

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 03:25 AM IST
सरकारी विभाग, नगरीय निकाय यदि कोई वाहन, जब्त सामान, स्क्रैप बेचता है तो इसके खरीदार को जीएसटी चुकाना होगा। ऐसा नहीं करने पर उस पर जीएसटी के साथ 24 फीसदी की दर से ब्याज व पेनल्टी अलग से लगेगी। वकील या इंश्योरेंस एजेंट के सेवा दिए जाने पर भी सेवा प्राप्त करने वाले पर जीएसटी का दायित्व आता है। इसी तरह कोई पंजीकृत व्यक्ति किसी अपंजीकृत से कोई वस्तु, सेवा लेता है तो पंजीकृत पर ही जीएसटी चुकाने की जिम्मेदारी आती है।

यह बात सीए सुनील पी जैन ने सीए एसोसिएशन इंदौर की ओर से शनिवार को आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि रिवर्स चार्ज में टैक्स लायबिलिटी आने पर जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। भले ही एक रुपए की टैक्स लायबिलिटी हो। यहां डीलर को 20 लाख टर्नओवर वाली छूट नहीं मिलेगी। सीए शाखा इंदौर के चेयरमैन सीए अभय शर्मा ने बताया कि रिवर्स चार्ज प्रोविजन को जीएसटी कानून की नब्ज कहा जाता है तथा इसकी अकाउंटिंग इसके इंप्लीमेंटेशन, किस-किस पर यह प्रोविजन लागू होगा इत्यादि के संदर्भ में आज भी बहुत भ्रांतियां हैं। इन सब भ्रांतियों के निराकरण के लिए इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। सेमिनार में हर्ष फिरोदा, जेपी सराफ, मनोज पी गुप्ता, प्रमोद तापड़िया, अंशुल मंगल, जीबी अग्रवाल, सीताराम सोनी व अन्य मौजूद थे।