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बीएसएनएल के सीएमडी के नाम पर अस्पताल संचालक से धोखाधड़ी की साजिश, 1 पकड़ाया

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सीएमडी और इंदौर में बैठने वाले जनरल मैनेजर के नाम पर एक अस्पताल संचालक से...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 03:25 AM IST
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सीएमडी और इंदौर में बैठने वाले जनरल मैनेजर के नाम पर एक अस्पताल संचालक से लाखों की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। मामले में पलासिया पुलिस की चतुराई से संचालक को तो धोखाधड़ी होने से बचा लिया गया, बल्कि एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है जो उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का है। ये एक बड़ी ठग गैंग से जुड़ा है, जो आम लोगों को बड़े लोगों को नाम पर ठगी करती है।

एसपी अवधेश गोस्वामी ने बताया बीते दिनों इलाके के युरेका हॉस्पिटल के संचालक विजय निचानी ने शिकायत की थी कि उन्हें बीएसएनएल के सीएमडी और इंदौर के जरनल मैनेजर सुरेश बाबू प्रजापति के नाम पर एक व्यक्ति ने फोन कर संपर्क किया और कहा कि हमारे बीएसएनएल के कर्मचारी आपके अस्पताल में ही मेडिकल सुविधाएं लेंगे। इसमें आपको करोड़ों का फायदा होगा। इस पर हम आपसे एग्रीमेंट करना चाहते हैं। 5 जून नितिन कुमार के नाम से एक व्यक्ति उक्त प्रपोजल लेकर आया, जिसमें बीएसएनएल के दिल्ली स्थित दफ्तर से जुड़े दस्तावेज और तत्कालीन सीएमडी के हस्ताक्षर थे, वहीं इंदौर स्थित कार्यालय के महाप्रबंधक सुरेश बाबू प्रजापति के नाम पर तैयार एक प्रपोजल उसके पास था। इस प्रपोजल के आधार पर उक्त व्यक्ति ने संचालक विजय निचानी से लाखों रुपए की मांग भी दोनों अधिकारियों के नाम पर की। संचालक को उस पर शंका हुई तो उसने एसपी अवधेश गोस्वामी को शिकायत की। इस पर एसपी ने उक्त व्यक्ति को संचालक के माध्यम से प्रपोजल के आधार पर सोमवार को अस्पताल मिलने बुलाया। जैसे ही वह यहां आया तो उसे पलासिया थाने के इंचार्ज एसआई ओएस भदौरिया की टीम ने पकड़ लिया। आरोपी ने अपना नाम बृजेश पिता सुनील शाही (25) निवासी इंद्रा नगर जिला देवरिया उत्तर प्रदेश बताया है। उसने कहा इस ठगी में उसके साथ रमेश प्रजापति भी शामिल है, जो उसी के जिले का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से फर्जी प्रपोजल के दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिस पर बीएसएनएल के सीनियर अधिकारियों के नाम पर पत्र व हस्ताक्षर भी थे, लेकिन ये फर्जी निकले हैं। पुलिस ने बताया गैंग अस्पताल संचालक से लाखों की धोखाधड़ी करने की फिराक में थी।