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लीज पर जमीन लेने और उस पर ट्रांफॉर्मर लगवा कर लाखों रुपए प्रतिमाह देने के नाम पर करोड़ों की ठगी

वेयर हाउस के लिए लीज पर जमीन लेने के नाम पर कंपनी के डायरेक्टर व उनके कर्मचारियों ने कई लोगों से लाखों रुपए ठग लिए।...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:25 AM IST
वेयर हाउस के लिए लीज पर जमीन लेने के नाम पर कंपनी के डायरेक्टर व उनके कर्मचारियों ने कई लोगों से लाखों रुपए ठग लिए। प्रारंभिक जानकारी में सामने आ रहा है कि आरोपियों ने एक से डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। सोमवार को अलग-अलग शहरों से लोग इंदौर पहुंचे और डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र को धोखाधड़ी की शिकायत की। शिकायत के बाद उन्होंने मामला विजय नगर सीएसपी को सौंपा, जिसमें कंपनी डायरेक्टर सहित पांच से ज्यादा लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।

दरअसल कंपनी के अधिकारियों ने लीज पर जमीन लेने के एवज में करोड़ों रुपए सिक्युरिटी के रूप में और लाखों रुपए प्रतिमाह किराया देने का प्रलोभन दिया गया। इसके बदले में बदमाशों द्वारा लोगों को कहा कि वे उनके नाम पर जमीन पर ट्रांसफॉर्मर लगवाकर दें। लोगों ने बिजली विभाग में पता किया तो वहां ज्यादा खर्च आ रहा था। इस पर कंपनी वालों ने उन्हें कम खर्च में ट्रांसफॉर्मर लगवाने का झांसा देकर बैंक खाते में लाखों रुपए डलवा लिए और बाद में नंबर बंद कर वहां से भाग निकले। हालांकि विजय नगर इलाके में आरोपियों का ऑफिस होने से लोग यहां पर शिकायत करने पहुंचे।

विजय नगर पुलिस के अनुसार मनीष पिता विश्वंबर दयाल श्रीवास्तव निवासी मयूर मार्केट थाटीपुर, ग्वालियर की शिकायत पर मेनोमे प्रोजेक्ट लि. के डायरेक्टर जेबा, राजेंद्र यादव, अनुराग कानूनगो, रावजी, शिवराज मोवेल सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है। उसमें कुछ व्यापारी वर्ग तो कुछ सरकारी नौकरी से रिटायर्ड है।

5 एकड़ तक मांगी थी जमीन

आरोपियों द्वारा मप्र स्तर पर अखबार में विज्ञापन दिया था, जिसमें उन्होंने वेयर हाउस के लिए 2 से 5 एकड़ की जमीन मांगी थी। जो राष्ट्रीय या राज्य मार्ग के आसपास हो। विज्ञापन देख लोगों ने उसने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वे 2 एकड़ के एवज में 1 लाख 40 हजार रुपए किराया प्रतिमाह देंगे। वहीं, जमीन के एवज में डेढ़ करोड़ दस साल के लिए सिक्यूरिटी के देंगे, जिसे दस साल बाद संबंधित व्यक्ति को वापस करना होगा। इस प्रलोभन के बाद उन्होंने जमीन के शार्ट लिस्ट होने के बाद संपर्क करने के बात कहीं। आरोपियों द्वारा 24 से ज्यादा लोगों से संपर्क किया और उनकी जमीन शार्ट लिस्ट होने का बोलकर उनके दस्तावेज मेल के माध्यम से बुलवाए और बाद में कुछ लोगों को विजय नगर स्थित उनके ऑफिस पर भी बुलवाया। जहां मीटिंग में उन्होंने एग्रीमेंट और लीज डीड की जानकारी दी।

ट्रांसफॉर्मर का काम डेढ़ से दो लाख में करवाने का कहकर खाते में पैसे डलवाए

आरोपियों ने ठगाए लोगों के सामने एक शर्त रखी कि उन्हें खुद के नाम पर 100 केबी की लाइन का ट्रांसफॉर्मर लगवाकर देना होगा वह भी 10 दिनों के अंदर। लोगों ने इसकी जानकारी निकाली तो पता चला कि 4 लाख रुपए में ये ट्रांसफॉर्मर लगेगा। इस पर उन्होंने दोबारा कंपनी अधिकारियों से बात की तो अधिकारियों ने उन्हें झांसा दिया कि वे डेढ़ से दो लाख रुपए में उनका काम करवा देंगे, क्योंकि उनकी इंजीनियर इसका बड़े पैमाने पर काम कर रहे है। इस पर लोगों ने कंपनी के अलग-अलग बैंक खाते में रुपए जमा करा दिए। कुछ दिनों बाद लोग एग्रीमेंट और ट्रांसफॉर्मर को लेकर जानकारी लेने लगे तो अधिकारी टालने का प्रयास करने लगे। फिर धीरे-धीरे अधिकारियों ने फोन बंद कर दिए और ऑफिस से भी भाग निकले। ठगाए लोगों को पता चला कि कंपनी अधिकारियों द्वारा और भी लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। इसके बाद कुछ लोग इकट्ठे हुए और मामले की शिकायत डीआईजी से की। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

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