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पुलिस पर दबाव के लिए सीएम हेल्प लाइन पर झूठी शिकायतें

इंदौर

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:30 AM IST
पुलिस पर दबाव के लिए सीएम हेल्प लाइन पर झूठी शिकायतें
इंदौर
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करना सबसे आसान काम है। शिकायत होने के बाद निर्देश मिलते हैं कि मामले की जांच की जाए। इस हेल्पलाइन से कई लोगों को न्याय मिला है। कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए झूठी शिकायतें की हैं। जब इन मामलों की पड़ताल की गई तो अफसरों के होश उड़ गए। करीब 12 प्रतिशत मामले झूठे पाए गए। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन से आने वाली शिकायतों पर गंभीरता बरती जाए। कार्रवाई करने के पहले दोनों पक्षों को सुना जाए।

अब राकेश की तलाश

राकेश घासवाले ने चंदननगर थाने पर घर से तीन महंगे मोबाइल फोन और लैपटॉप चोरी की शिकायत की। पुलिस ने मोबाइल गुमने का आवेदन देने को कहा तो राकेश बिफर गया। उसने सीएम हेल्पलाइन पर लगातार शिकायतें की। आखिरकार पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर पड़ताल शुरू की। पता चला कि राकेश ने मोबाइल और लैपटॉप फाइनेंस कराए थे। किश्त नहीं दे पाया तो चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाकर क्लेम भी ले लिया। पुलिस अब राकेश को तलाश रही है।

महिला ने झूठ बोला...

खुड़ैल थाना इलाके में रहने वाली एक महिला ने पड़ोसी के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की। पुलिस ने कहा, इसकी जांच होगी तो महिला ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। पुलिस को सीएम हेल्पलाइन से फटकार मिली। ताबड़तोड़ केस दर्ज किया गया। इलाके के लोगों के बयान लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तभी पुलिस को सूचना मिली कि महिला झूठ बोल रही है। घटना के वक्त वह खरगोन में थी। पुलिस ने महिला की मोबाइल डिटेल और लोकेशन निकाली। खुलासा हुआ कि महिला घटना के वक्त घटनास्थल पर थी ही नहीं। महिला को थाने बुलाकर पूछताछ की तो वह टूट गई। फूट-फूटकर रोई। कबूला कि उसके प्रेमी का पड़ोसी से विवाद था। प्रेमी के कहने पर पड़ोसी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखवाई।

सच - झूठ का पता लगाएंगे

 कई बार फरियादी के आवेदन या बयान के आधार पर हमें एफआईआर दर्ज करना होती है। उसके बाद जांच शुरू की जाती है। यह बात सही है कि कई लोगों ने सीएम हेल्पलाइन से लेकर कई जगहों पर आवेदन कर केस दर्ज करवा दिए हैं। हमारी पुलिस अब ऐसे मामलों मेंं सत्यता की जांच कर रही है। अजयकुमार शर्मा, एडीजी इंदौर

यह तो गजब कर दिया...

एरोड्रम क्षेत्र के एक परिवार ने घर में लूट की शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज करने की बात कही। परिवार अड़ गया और कहा लूट का केस ही दर्ज करना होगा। परिवार ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। अफसरों के आदेश पर लूट का केस दर्ज करना पड़ा। परिवार वाले भी जांच में पुलिस की मदद नहीं कर रहे थे। पुलिस ने मुखबिरों को लगाया। पता चला कि घटना के वक्त घर वाले बाजार गए थे। कॉलेज में पढ़ने वाली बेटी अकेली थी। खुद को अकेला पाकर युवती ने प्रेमी को बुलवा लिया। प्रेमी पीछे की दीवार फांदकर आ गया। थोड़ी देर बाद युवती की मां आ गई। काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रही, लेकिन लड़की ने आवाज नहीं सुनी। मां को शंका हुई तो उसने पड़ोसियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ने को कहा। दरवाजा तोड़ने की आवाज सुनते ही कमरे में मौजूद लड़का-लड़की डर गए। उन्होंने लूट की झूठी कहानी रची। लड़की को हाथ-पैर बांधकर पटक दिया। लड़के ने 2 हजार रुपए लिए और पीछे के रास्ते से भाग गया। इधर, दरवाजा टूटने के बाद मां अंदर पंहुची तो बेटी को बंधक बना देखा। जब पुलिस ने परिवार वालों के सामने सच रखा तो सभी शर्मिंदा थे। उनके पास कोई जवाब नहीं था।

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