इंदौर

--Advertisement--

जीएसटी सुधारने पर 200 अधिसूचना, व्यापारी की एक गलती पर भी पेनल्टी

जीएसटी लागू हुए एक साल होने को है, लेकिन इसमें अभी रिटर्न और कई अन्य प्रावधानों को लेकर व्यावहारिक समस्याएं हैं। 11...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:30 AM IST
जीएसटी सुधारने पर 200 अधिसूचना, व्यापारी की एक गलती पर भी पेनल्टी
जीएसटी लागू हुए एक साल होने को है, लेकिन इसमें अभी रिटर्न और कई अन्य प्रावधानों को लेकर व्यावहारिक समस्याएं हैं। 11 माह में जीएसटी की गलतियां दूर करने के लिए 200 से ज्यादा परिपत्र, अधिसूचना जारी हो चुकी हैं, लेकिन व्यापारी यदि रिटर्न भरने में एक गलती कर दे तो पेनल्टी लग जाती है। रिटर्न सुधारने की व्यवस्था भी नहीं है। यह कहां तक उचित है?

यह सवाल कर और व्यापारिक संगठनों ने सोमवार को जीएसटी काउंसिल के विशेष सचिव अरुण गोयल के सामने जीएसटी पर हुई संगोष्ठी में उठाया। इस पर गोयल ने कहा जो नियम है, उसका पालन करने की आदत तो डालनी होगी। व्यापारी और कर सलाहकारों को रिटर्न भरते समय अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहिए। रिटर्न भरने के लिए दस दिन मिलते हैं। व्यापारी बेवजह क्यों अंतिम तारीख तक इंतजार करते हैं? उन्हें चाहिए कि वे समय सीमा में रिटर्न दाखिल कर दें।

- कर सलाहकार संगठन

जीएसटी के नियम, अधिसूचना अंग्रेजी में आती है, इसे यूजर फ्रेंडली बनाने की है जरूरत

कमर्शियल टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन और मप्र टैक्स लाॅ बार एसोसिएशन के इस कार्यक्रम में एमपीटीएलबीए के अध्यक्ष एके लखोटिया ने कहा संगोष्ठी के लिए साझा मेमोरेंडम दिया है। सीटीपीए अध्यक्ष एके गौर ने कहा जीएसटी जीएसटी के नियम, अधिसूचना अंग्रेजी में आती है। इसे यूजर फ्रेंडली बनाने की जरूरत है। कार्यक्रम में स्टेट टैक्स कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा, सुदीप गुप्ता, सेंट्रल एक्साइज के मिलिंद लांजेवर, राजीव अग्रवाल उपस्थित थे। जीएसटी विशेषज्ञ सुनील पी. जैन ने जीएसटी एक्ट को लेकर समस्याएं व सुझाव पर, अमित दवे ने ई-वे बिल पर, सीए अंजना लखोटिया ने रिटर्न की समस्याएं और उन्हें दूर करने के सुझाव पर प्रेजेंटेशन दिया।

टैक्स में देरी पर 24% दर से ब्याज लेते हैं, जबकि रिफंड में देरी पर 6% ब्याज देते हंै, ऐसा क्यों




रिटर्न के लिए अंतिम तारीख का इंतजार क्यों करना, गलती पर पेनल्टी लगेगी ही

कर संगठन के पदाधिकारियों के सवालों का जवाब देते काउंसिल के विशेष सचिव गाेयल।

-जीएसटी काउंसिल के विशेष सचिव

पेट्रोल-डीजल : जीएसटी में लाने पर साधी चुप्पी

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के मीडिया के सवाल पर गोयल ने चुप्पी साध ली। गोयल ने कहा सेमिनार में कई महत्वपूर्ण सुझाव आए। पोर्टल जीएसटीएन नेटवर्क शीघ्र ही सरकारी उपक्रम बन जाएगा। गोयल ने शाम को अधिकारियों के साथ रिफंड को लेकर भी बैठक ली, इसमें बताया प्रदेश के दो हजार से ज्यादा व्यापारियों के रिफंड केवल भौतिक दस्तावेज नहीं देने के कारण अटके हुए हैं।

बिल्डिंग प्रोजेक्ट : सर्विस टैक्स भरने के बाद जीएसटी भी

वरिष्ठ कर सलाहकार आरएस गोयल ने बिल्डिंग प्रोजेक्ट को लेकर बताया जीएसटी के पहले आ चुके बिल्डिंग प्रोजेक्ट में जिन्होंने सर्विस टैक्स भर दिया था, उन्हें फ्लैट बुक करने पर जीएसटी भी लग रहा है।

वाहन चेकिंग : केंद्र व राज्य की एक जैसी व्यवस्था हो

कर संगठनों ने कहा वाहन चेकिंग व्यवस्था भी केंद्र व राज्य कर विभाग की एक जैसी होना चाहिए। इस पर विशेष सचिव ने विचार करने का आश्वासन दिया। विशेष सचिव को 20 से अधिक संगठनों ने मेमोरेंडम दिया। कार्यक्रम में यशवंत लोभाने, देवेंद्र जैन, केदार हेडा, संतोष मोलासरिया, अरुण महेश्वरी, ललित शारदा, राजेश जैन, सतीश अग्रवाल, अनिल जैन, डीजे दवे, पीडी नागर, बीएल बंसल, सुभाष बाफना, सुधीर मिश्रा, हेमंत शाह, कपिल नीमा, अजय कटारिया, अमर महेश्वरी, प्रतीक जैन, अनुराग लखोटिया, गौरव नीमा, तन्मय वर्मा व जीडी सोनी, एआईएमपी के आलोक दवे, योगेश मेहता, लघु उद्योग भारती के महेश गुप्ता, अहिल्या चैंबर से रमेश खंडेलवाल, सुशील सुरेका व अन्य संगठनों के पदाधिकारी थे।

X
जीएसटी सुधारने पर 200 अधिसूचना, व्यापारी की एक गलती पर भी पेनल्टी
Click to listen..