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महीनेभर में 424 चोरियां, 1.38 करोड़ का माल गया, 2% भी नहीं हुआ बरामद

सॉफ्टवेयर में केस दर्ज होने के साथ पुलिस की कार्र‌वाई भी पता चलेगी दीपेश शर्मा | इंदौर पेपरलैस पुलिसिंग के...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:30 AM IST
सॉफ्टवेयर में केस दर्ज होने के साथ पुलिस की कार्र‌वाई भी पता चलेगी

दीपेश शर्मा | इंदौर

पेपरलैस पुलिसिंग के तहत रियल टाइम डाटा कलेक्शन और क्राइम एनालिसिस के लिए पुलिस के नए सॉफ्टवेयर फैक्ट्स की मई महीने की पहली मासिक रिपोर्ट आ गई है। भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो खुलासा हुआ एक महीने में इंदौर में 1483 अपराध दर्ज हुए। इनमें 82 प्रकरण अपहरण के थे, जबकि 424 चोरियों के, जिनमें 1.38 करोड़ का माल चोरी गया। पुलिस इसका 2 प्रतिशत माल भी बरामद नहीं कर सकी।

इससे पहले पुलिस सालाना आंकड़े पेश करती थी, जिससे अपराध का ट्रेंड और ग्राफ समझ नहीं आता था। अपराधों की संख्या को सालभर के हिसाब से बांटा जाता था। एडीजी अजय कुमार शर्मा ने जोन के आठ जिलों इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, अालीराजपुर और बड़वानी में एक साथ इस सॉफ्टवेयर फैक्ट्स (फाइल एंड क्राइम ट्रैकिंग एनालिसिस एप्लीकेशन) को शुरू करवाया था। यह 1 मई से पूरी तरह सभी जिलों में ऑनलाइन हो गया। हालांकि अभी समानांतर रूप से फाइलें भी मेंटेन की जा रही हैं, ताकि कोई गलती हो तो पकड़ में आ जाए, पर भविष्य में सारा डाटा इस सॉफ्टवेयर के जरिए ही सामने आएगा।

424

अपराध का ग्राफ

अपराध पूर्व पश्चिम

हत्या 3 3

हत्या का प्रयास 5 5

डकैती 1 0

लूट 1 2

अपहरण 42 40

चोरी 239 185

ज्यादती 7 7

उपद्रव 0 2

छेड़छाड़ 15 23

अन्य 386 517

कुल 699 784

चोरी

44 लाख में से 10 हजार का माल मिला

पूर्वी क्षेत्र के थानों ने चोरी के 94 लाख के माल में से 1.37 लाख का माल जब्त किया, जो पौने दो प्रतिशत है। पश्चिम के थानों ने 44 लाख में से 10 हजार का माल पकड़ा, जाे बेहद कम है।


82

अपहरण

आंकड़ाें में ऐसे मामले भी सामने आए, जिन्हें अफसर दबा देते थे

बड़े अधिकारियों का ध्यान जिले में होने वाली हत्या, लूट जैसे गंभीर अपराधों पर ही होता था, जिसके कारण बाकी अपराधों की विस्तृत तस्वीर सामने नहीं आ पाती थी। इस सॉफ्टवेयर की पहली मासिक रिपोर्ट में कुल अपराध की संख्या 1483 दर्ज होना पता चली। इनमें हत्या के 6, लूट के 3 ही प्रकरण सामने आए। इसे देख यह तो साफ है कि सनसनीखेज अपराध नहीं हुए, लेकिन अपहरण के 82 प्रकरण और चोरी के 424 प्रकरण चौंकाने वाले हैं। हालांकि अपहरण के पीछे का तर्क है कि इनमें ज्यादातर मामले नाबालिगों के घर से भागने के हैं।

पूर्व में चोरी का माल ज्यादा गया तो छेड़छाड़ की घटनाएं कम हुईं

शहर के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें खुलासा हुआ पूर्वी क्षेत्र के थानों में चोरी के 239 मामलों में 94 लाख का माल गया, जबकि पश्चिमी क्षेत्र बड़ा होने के बावजूद यहां 185 मामलों में 44 लाख का माल गया, जो पूर्व के आधे से भी कम है। पूर्वी क्षेत्र में छेड़छाड़ की 15 वारदातें हुई, जबकि पश्चिमी में 23 मामले आए।

टीआई और सीएसपी की हर घटना पर तय होगी जवाबदेही

एडीजी अजय कुमार शर्मा ने बताया इस सॉफ्टवेयर से हमें सीधे अपराध और घटनास्थल को टारगेट करने में मदद मिलेगी। जो जानकारियां महीनेभर में इतनी सटीक तरीके से नहीं निकल पाती थीं, वे अब एक क्लिक पर मिल रही हैं। इसके साथ ही हमने घटना के अनुसार गूगल मैपिंग और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करना शुरू कर दी है। इससे फायदा यह होगा कि हम अब हर 15-15 दिन में अपराध के ट्रेंड के हिसाब से जानकारी एकत्र कर संबंधित थाना व सीएसपी की जवाबदेही तय कर सकेंगे।

शहर में अपराध के कुल आंकड़े

38

छेड़छाड़

14

ज्यादती


10

हत्या का प्रयास

पश्चिम में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई ज्यादा

बदमाशों पर अंकुश लगाने के लिए की जाने वाले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का ग्राफ अच्छा रहा। पूर्व के थानों ने धारा 110, 107/116, 151 और रासुका सहित कुल 1077 कार्रवाई की, जबकि पश्चिम क्षेत्र के थानों ने इससे डेढ़ गुना यानी 1595 मामले बनाए।

6

हत्या

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