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पोर्टल पर जानकारी नहीं दी, 58 संस्थाओं के पदाधिकारियों पर दर्ज होगा केस

News - सहकारिता विभाग ने सभी गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के सदस्यों की जानकारी, उन्हें आवंटित प्लॉट सहित संस्था की पूरी...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:30 AM IST
पोर्टल पर जानकारी नहीं दी, 58 संस्थाओं के पदाधिकारियों पर दर्ज होगा केस
सहकारिता विभाग ने सभी गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के सदस्यों की जानकारी, उन्हें आवंटित प्लॉट सहित संस्था की पूरी कुंडली विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया गया, लेकिन संस्थाएं पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने के प्रति रुचि नहीं ले रही हैं। ऐसी ही 58 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के खिलाफ जिला कोर्ट में आपराधिक प्रकरण प्रस्तुत करने का निर्णय सहकारिता विभाग ने लिया है। विभाग ने इन संस्थाओं को 15 दिन में जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

उपायुक्त सहकारिता के. पाटनकर ने सोमवार को 58 संस्थाओं के बोर्ड आॅफ डायरेक्टर्स को सहकारिता अधिनियम की धारा 74 के तहत शोकाज नोटिस जारी किए। राज्य सहकारिता आयुक्त ने 4 सितंबर 2017 को आदेश जारी कर गृह निर्माण सहकारी संस्था के पास कितनी जमीन है, कितने सदस्य हैं, कितने सदस्यों को प्लॉट दिए, कितने सदस्य शेष हैं आदि जानकारी के लिए पोर्टल बनाया है।

पिछले साल अक्टूबर तक अपलोड करना थी जानकारी

सभी संस्थाओं को 5 अक्टूबर 2017 तक संस्था की पूरी कुंडली पोर्टल पर अपलोड करने के लिए निर्देशित किया था। इंदौर में कुल 892 गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं हैं, जिनमें 159 गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं परिसमापन (हमेशा के लिए समाप्त होने की प्रक्रिया) में हैं। अब तक मात्र 493 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं ने ही कुंडली पोर्टल पर अपलोड की है। शेष ने कुंडली अपलोड नहीं की है। उपायुक्त पाटनकर के मुताबिक जानकारी अपलोड नहीं करने वाली गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले चरण में 58 गृह निर्माण संस्थाओं को सहकारिता अधिनियम के तहत शोकाज नोटिस देकर कहा गया है कि क्यों न उनके पदाधिकारियों के खिलाफ जिला कोर्ट में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) के समक्ष आपराधिक प्रकरण प्रस्तुत किया जाए। जवाब 15 दिन में पेश करने के लिए कहा है।

प्रमुख संस्थाएं, जिन्हें भेजे नोटिस

उपायुक्त के मुताबिक जिन 58 संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए, उनमें प्रमुख हैं- आदर्श श्रमिक गृह निर्माण सहकारी संस्था, अहिल्या गृह निर्माण सहकारी संस्था, संयुक्त केंद्रीय कर्मचारी, कृषि विकास, क्लासिक, लव कुश, शर्मदा, प्रगतिशील, तिरुपति अपार्टमेंट, गांधी बेघरबार, स्वर्णकार श्रमिक, प्रोफेसर, अनुराग नगर, जय बजरंग नगर, इंदौर नगर मंडी व्यवसायी, आराधना, राजश्री, सूर्य शक्ति और नवरंग।

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