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दुनिया की सबसे मुश्किल कॉमरेड्स रन में इंदौर के आशुतोष ने 11 घंटे 18 मिनट लगातार दौड़ तय किए 90 किलोमीटर

फििनशिंग लाइन तक पहुंचने से पहले भारत माता की जय सुनी, लहराते तिरंगे देखे तो 30 किमी प्रतिघंटे की स्पीड में दौड़ गए 200...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:35 AM IST
दुनिया की सबसे मुश्किल कॉमरेड्स रन में इंदौर के आशुतोष ने 11 घंटे 18 मिनट लगातार दौड़ तय किए 90 किलोमीटर
फििनशिंग लाइन तक पहुंचने से पहले भारत माता की जय सुनी, लहराते तिरंगे देखे तो 30 किमी प्रतिघंटे की स्पीड में दौड़ गए 200 मीटर

सिटी रिपोर्टर | इंदौर

साउथ अफ्रीका के घुमावदार, उतार-चढ़ाव वाले पहाड़ी रास्तों पर होने वाली टफ मोस्ट कॉमरेड्स डाउन रन 2018 में इंदौर के 33 वर्षीय आशुतोष व्यास भी शामिल हुए। लगातार दौड़ते हुए 90.14 किलोमीटर का ट्रेक 11 घंटे 18 मिनट में पूरा किया।

रविवार को हुई इस कॉमरेड्स रन में दुनियाभर से 21 हजार लोग शामिल हुए थे, जबकि भारत से तकरीबन 150पार्टिसिपेंट्स थे। तय समय से पहले पूरा करने वाले इंदौर के आशुतोष ने इस रोमांचक अनुभव के बारे में कहा - "यह सबसे पुरानी और सबसे मुश्किल अल्ट्रा मैराथन है, जिसकी शुरुआत 1921 में हुई थी। मुझे 12 घंटे में 90 किलोमीटर की रन पूरी करना थी। इसलिए शुरुआत से ही स्पीड मेंटेन की और 8.10 किमी प्रति घंटे की स्पीड रखी। लेकिन 60 किमी रन पूरी करने के बाद अचानक पेट दर्द हुआ। क्रैम्प आने लगे। डॉक्टर्स को बुलाया गया, और उन्होंने बताया कि ज्यादा पानी पीने के कारण पेट दर्द शुरू हुआ है। समय निकला जा रहा था, एक पल भी रुकना अखर रहा था। मैं दोबारा दौड़ना शुरू किया। पानी कम पिया और स्पीड भी मेंटेन की।

पीटर्सबर्ग से शुरू हुई यह मैराथन डर्बन के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियम पर खत्म हुई। जैसे ही हम दौड़ते हुए फिनिशिंग पॉइंट यानी स्टेडियम में दाखिल हुए, तो वहां रहनेवाले इंडियंस हमें देख बड़े जोश में भारत माता की जय के नारे लगाने लगे। उनके हाथों में तिरंगे थे। जैसे ही मैंने यह नजारा देखा, मेरा जोश दोगुना हो गया। उत्साह इस कदर था कि मैंने आखिरी के 300 मीटर, 30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़कर पूरे किए। यह बहुत रोमांचित करने वाला पल था। मुझसे पहले 2015 में विवेक सिंघल ने इसमें हिस्सा लिया था। उन्होंने 11 घंटे 44 मिनट में यह रन पूरी की थी। मैंने 11 घंटे 18 मिनट में यह रन पूरी की। दरअसल, 90 किलोमीटर पूरा करने के लिए काॅमरेड्स रन में 12 घंटे का समय तय होता है। इससे ज्यादा समय लेने पर पार्टिसिपेंट्स डिस्क्वालिफाय कर दिया जाता है। मेरा टाइम इंदौर का अब तक का बेस्ट टाइम है।

कॉमरेड्स रन में शामिल होने के लिए एक साल में दो फुल मैराथन तय समय में पूरी करना होती हैं। यानी 42 किमी 5 घंटे में पूरी होना चाहिए। मैंने हैदराबाद मैराथन 4 घंटे 40 मिनट में पूरी की थी, जबकि मुंबई मैराथन 4 घंटे 50 मिनिट में कम्प्लीट की। इसी के आधार पर मेरा चयन इस मैराथन में हुआ।

कैसे चुने गए कॉमरेड्स रन में

चिनार हिल्स व गोम्मटगिरी पर की प्रैक्टिस

चूंकि यह हिली मैराथन थी, इसलिए मैंने करीब 6 महीने तक इंदौर की चिनार हिल्स, गोम्मटगिरी और राजकुमार ब्रिज पर प्रैक्टिस की। ताकि पहाड़ों पर दौड़ने की प्रैक्टिस हो सके और कॉमरेड्स रन में बगैर परेशानी के दौड़ सकूं। मैंने मल्हार आश्रम में भी प्रैक्टिस की। नेचरल डाइट पर रहा। मसल्स की रिकवरी के लिए 8 घंटे की नींद पूरी होना जरूरी है, इसलिए नींद से लेकर डाइट तक प्रॉपर प्लानिंग की और उसे मेंटेन किया।

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दुनिया की सबसे मुश्किल कॉमरेड्स रन में इंदौर के आशुतोष ने 11 घंटे 18 मिनट लगातार दौड़ तय किए 90 किलोमीटर
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