Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» छात्रों पर 1.35 लाख की अतिरिक्त वसूली का दबाव, प्रबंधन अब भी मानने को तैयार नहीं

छात्रों पर 1.35 लाख की अतिरिक्त वसूली का दबाव, प्रबंधन अब भी मानने को तैयार नहीं

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की छात्रा डॉ. स्मृति लाहरपुरे की आत्महत्या के बाद पिता ने आरोप लगाया था कि बेटी फीस भरने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 03:35 AM IST

छात्रों पर 1.35 लाख की अतिरिक्त वसूली का दबाव, प्रबंधन अब भी मानने को तैयार नहीं
इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की छात्रा डॉ. स्मृति लाहरपुरे की आत्महत्या के बाद पिता ने आरोप लगाया था कि बेटी फीस भरने के लिए थमाए गए 9.90 लाख के नोटिस से तनाव में थी। इस घटना के बाद और भी छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन ने तय शुल्क 8 लाख 55 हजार की बजाय 9 लाख 90 हजार की वसूली की। कुछ छात्रों के पास 1 लाख 35 हजार की अतिरिक्त वसूली की रसीद भी है। छात्रों ने यह रसीद भास्कर को भी उपलब्ध कराई है। उधर कॉलेज प्रबंधन अब भी अतिरिक्त वसूली से इनकार कर रहा है।

डॉ. स्मृति ने सुसाइड नोट में चेयरमैन सुरेश भदौरिया व विभागाध्यक्ष डॉ. केके खान को भी जिम्मेदार ठहराया है। डॉ. स्मृति ने सुसाइड नोट में दो जगह भदौरिया को मौत का जिम्मेदार बताया। कॉलेज की गड़बड़ियों और खामियों को उजागर किया, बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। डॉ. स्मृति ने कॉलेज प्रबंधन पर शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर पेनल्टी वसूलने का भी आरोप लगाया। एक दिन अवकाश लेने पर 4500 से 6000 रुपए तक वसूलने की बात सामने आई है। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के प्रशासकीय अधिकारी आरसी यादव का कहना है हमने ज्यादा फीस नहीं ली है। 8 लाख 55 हजार रुपए ही फीस ली गई है।

बीच सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकते

कोई भी कॉलेज बीच सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकता। फीस बढ़ाने के लिए कॉलेज को फीस नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजना पड़ता है। वहां से अनुमति के बाद ही फीस बढ़ाई जा सकती है।

स्मृति लाहरपुरे

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: छात्रों पर 1.35 लाख की अतिरिक्त वसूली का दबाव, प्रबंधन अब भी मानने को तैयार नहीं
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×