Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» बीआरटीएस बनने के बाद एबी रोड पर 24% वाहन बढ़े : याचिकाकर्ता कॉरिडोर बनने के बाद सड़कें चौड़ी हुई और सफर आसान हुआ : निगम

बीआरटीएस बनने के बाद एबी रोड पर 24% वाहन बढ़े : याचिकाकर्ता कॉरिडोर बनने के बाद सड़कें चौड़ी हुई और सफर आसान हुआ : निगम

बीआरटीएस कॉरिडोर की बस लेन में कारों को प्रवेश देने और रैलिंग हटाए जाने को लेकर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 03:35 AM IST

बीआरटीएस कॉरिडोर की बस लेन में कारों को प्रवेश देने और रैलिंग हटाए जाने को लेकर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सालभर बाद गुरुवार को अंतिम बहस शुरू हो गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम वकील और आम लोगों से भरा हुआ था। जस्टिस पीके जायसवाल और जस्टिस एसके अवस्थी की डिविजन बेंच के समक्ष सुनवाई हुई। सबसे पहले याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने अपनी बात रखी। इसके बाद महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव और अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज द्विवेदी ने निगम, प्रशासन की ओर से बीआरटीएस का बचाव किया। अब हाई कोर्ट 9 अगस्त को इस मामले में बनाए गए न्याय मित्र के तर्क सुनेगी।

याचिकाकर्ता के तर्क- निजी वाहनों का दबाव कम नहीं हुआ

बीआरटीएस नहीं बना था, तब शहर में दो और चार पहिया वाहनों की वृद्धि का प्रतिशत 14 था। एबी रोड पर आई-बस चलाने के बाद अन्य वाहनों की संख्या में 24 फीसदी वृद्धि हुई है, जबकि आई-बस प्रोजेक्ट शुरू ही इसलिए किया था कि निजी वाहनों का दबाव कम किया जाए। ऐसा नहीं हुआ।

एबी रोड पर बीआरटीएस कॉरिडोर बनाया गया है, लेकिन इस हिस्से का अब तक डि-नोटिफिकेशन नहीं किया गया है। कागजों में यह अब भी एबी रोड है।

बीआरटीएस पर आई-बस ट्रायल रन के रूप में चलाई गई थी। एक दशक से ज्यादा समय हो गया, लेकिन ट्रायल रन खत्म नहीं हुआ। शासन इसे विधिवत शुभारंभ कर चलाने की स्थिति में नहीं है।

यह प्रोजेक्ट इसलिए शुरू किया था कि लोग अपने घर से निजी वाहन लेकर निकलें। आई-बस स्टेशन के समीप अपनी गाड़ी रखकर बस में सफर करें, लेकिन पूरे कॉरिडोर पर कहीं भी पार्किंग नहीं है।

आई-बस का सफर बहुत खर्चीला है। निजी वाहन से औसत ढाई रुपए प्रति किमी शहर में घूमा जा सकता है, लेकिन आई-बस का सफर साढ़े तीन रुपए प्रति किमी के आसपास है।

महाधिवक्ता की दलील- कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं

बीआरटीएस की वजह से शहर से गुजर रहे एबी रोड की सूरत बदल गई है। पहले शहरी हिस्से में एबी रोड की जितनी चौड़ाई थी, उतनी अब केवल एक मिक्स लेन की होती है। रोड 200 फीट चौड़ी हो गई है।

बस लेन में आई-बस चलाने से लोगों को बड़ा फायदा हुआ है। रोज 70 हजार से ज्यादा लोग सफर कर रहे हैं। 11 किमी का सफर 20 से 22 मिनट में पूरा हो रहा है। आई-बस लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। इसे बनाए रखना उचित होगा।

बीआरटीएस में पहले बॉटलनेक की समस्या हुआ करती थी। अब यह पूरी तरह खत्म हो चुकी है। सभी बॉटलनेक और लेफ्ट टर्न को चौड़ा किया जा चुका है। कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं है। शिवाजी वाटिका चौराहा पर भी लेफ्ट टर्न चौड़ा हो रहा है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×