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12 साल पहले अधूरी डाली स्टॉर्म वाटर लाइन, अब गलती सुधारने में लग रहे 70 लाख रुपए

News - नगर निगम अफसरों की लापरवाही का एक और नमूना सामने आया है। महू नाका से गंगवाल बस स्टैंड के बीच बनी बॉण्ड राेड में...

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 03:55 AM IST
12 साल पहले अधूरी डाली स्टॉर्म वाटर लाइन, अब गलती सुधारने में लग रहे 70 लाख रुपए
नगर निगम अफसरों की लापरवाही का एक और नमूना सामने आया है। महू नाका से गंगवाल बस स्टैंड के बीच बनी बॉण्ड राेड में स्टॉर्म वाटर लाइन तो िबछा दी, लेकिन उसे बीच में से जोड़ा ही नहीं। लगभग 12 साल तक पूरा इलाका हर बारिश में जलमग्न होता रहा। कुछ दिन पहले पड़ताल हुई तो इस गलती का खुलासा हुआ, लिहाजा अब सड़क को काटकर नए सिरे से लाइन बिछाई जा रही है। गंभीर बात यह है कि गलती छुपाने के लिए अफसर बार-बार यही कहते रहे कि यहां छोटी लाइन बिछ गई है, इस वजह से बारिश का पानी जमा होता है। जब लाइन चेक की गई तो पता चला कि बीच के कुछ हिस्से में न लाइन बिछी है न आपस में जोड़ गई है। जब लाइन ही पूरी नहीं है तो पानी स्टॉर्म वाटर लाइन से जाता कैसे? इसकी वजह से श्रीपद हॉस्पिटल और पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने तीन से चार फीट पानी भर जाता था।

पहले गाद का बहाना बनाया, फिर लाइन छोटी होने का

लोग जब भी अफसरों से शिकायत करते तो एक ही जवाब मिलता कि लाइन पुरानी है, इसलिए उसमें गाद जमा हो गई होगी। योजना शाखा के अफसर तर्क देते थे कि पाइप कम व्यास के हैं, वह इतने बड़े इलाके के पानी का बहाव नहीं बना पा रहे। भास्कर ने जनकार्य विभाग के अफसरों से पूछा तो जवाब मिला कि कई जगह से लाइन फूट गई है। इससे पानी जमा हो रहा है। जांच हुई तो सारी बातें गलत निकली।

अफसरों की जिम्मेदारी भी तय नहीं की

70 लाख रुपए की लागत आएगी नए सिरे से लाइन बिछाने में।

40 लाख रुपए का बजट मंजूर और राशि भी जारी की, ताकि काम न रुके।

20 लाख रुपए रोड निर्माण के समय खर्च किए थे निगम ने इसी लाइन पर।

महू नाका से गंगवाल बस स्टैंड के बीच िकनारे पर 3 से 5 फीट तक सड़क काटकर पाइप बिछाए जा रहे हैं।

हाॅस्पिटल के सामने लाइन ही नहीं थी

लोगों को यह भी बताया गया था कि सड़क की ढलान ऐसी है, जिससे पानी भरेगा नहीं, बल्कि बहकर निकल जाएगा। बाद में जब पानी भरने लगा तो पता चला श्रीपद हॉस्पिटल के सामने स्टॉर्म वाटर लाइन डाली ही नहीं है। कंपनी ने पाइप नहीं बिछाए, इसलिए बारिश का पानी चेंबर में भरने के बावजूद लाइन के बजाय सड़क पर बहता था।

सड़क काटने में आ रही दिक्कत

अब बांड रोड प्रोजेक्ट के तहत बनी सड़क को खोदकर नई लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। सड़क इतनी मजबूत है कि जेसीबी से भी आसानी से नहीं टूट रही। इस काम पर निगम के 70 लाख रुपए खर्च होंगे। पहले चरण के लिए 40 लाख रुपए जारी भी हो गए हैं। जब रोड बनी थी, तब लाइन बिछाने के लिए 20 लाख रुपए खर्च किए थे। जिन अफसरों के कारण निगम को नुकसान हो रहा है, उनकी जिम्मेदारी भी तय नहीं की जा रही।

दो अलग-अलग लाइनें बिछेंगी

पार्षद भरत पारिख ने बताया पूर्व में जो लाइन थी, उसमें बीच-बीच में पाइप ही नहीं थे। अब श्रीपद हॉस्पिटल के सामने से महू नाका और पॉलिटेक्निक कॉलेज से स्वस्तिक नगर होते हुए लाइन को तरण पुष्कर के पीछे नाले में छोड़ेंगे। दूसरी लाइन गंगवाल बस स्टैंड व शिवानी होटल के सामने से आएगी।

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