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3 साल से ज्यादा समय से पदस्थ आईडीए अफसरों की शिकायत, सरकार ने कहा- तबादला करो

इंदौर | इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) में तीन साल या उससे अधिक समय से पदस्थ अफसरों पर तबादले का खतरा मंडरा रहा है। एक...

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 03:55 AM IST
इंदौर | इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) में तीन साल या उससे अधिक समय से पदस्थ अफसरों पर तबादले का खतरा मंडरा रहा है। एक शिकायत के बाद राज्य सरकार ने आईडीए बोर्ड व सीईओ को चिट्ठी लिखकर कहा है कि जिन अफसरों को तीन साल हो गए हैं, उनकी सूची तैयार करें, उन्हें जिले से बाहर भेजा जाएगा। वैसे यह शिकायत उन अफसरों को लेकर हुई है, जिन्हें यहां पदस्थ रहते 10 से 15 साल हो गए हैं। इनमें कार्यपालन यंत्री स्तर के अफसर भी शामिल हैं। शिकायत के बाद आईडीए बोर्ड का कहना है कि स्वायत्त संस्था होने से उन पर चुनाव संबंधी नियम लागू नहीं होते, पर फिर भी प्रतिनियुक्ति वाले जो अफसर हैं, उनके बारे में सरकार को जानकारी भेज देंगे। इधर, चिट्ठी आने के बाद अफसरों की लगातार बैठकें हो रही हैं।

40 से ज्यादा इंजीनियर पदस्थ

आईडीए में करीब 450 लोगों का स्टाफ है, जिसमें 238 स्थायी अफसर-कर्मचारी हैं। बाकी संविदा, प्रतिनियुक्ति वाले पदस्थ हैं। विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए यहां उपयंत्री, सहायक, कार्यपालन और अधीक्षण यंत्री पद पर 40 से ज्यादा इंजीनियर काम कर रहे हैं। चुनावी साल होने से तीन साल के दायरे में आने वाले प्रतिनियुक्ति पर आए अफसरों को तो सरकार को विदा करना ही होगा।

मनमाने तरीके से काम करने की शिकायत

बताते हैं कि अफसरों की नियुक्तियों को लेकर आईडीए में पांच साल में करीब एक दर्जन अलग-अलग शिकायतें हो चुकी हैं। इसमें मनमाने तरीके से टेंडर करने, किसी कंपनी को लाभ पहुंचाने, गुणवत्ताविहिन काम करने जैसे मामले भी हैं।

चिट्ठी आई है, पर नियम में नहीं आते

आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी के मुताबिक, सरकार की चिट्ठी मिली है, जिसमें अफसरों के तबादले के बारे में निर्देश हैं। स्वायत्त संस्था होने से यहां के अफसराें पर नियम लागू नहीं होता।

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