• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Indore News
  • News
  • कैंसर अस्पताल में रेडियोथैरेपी सात दिन से बंद, 80 से ज्यादा मरीज रोज परेशान
--Advertisement--

कैंसर अस्पताल में रेडियोथैरेपी सात दिन से बंद, 80 से ज्यादा मरीज रोज परेशान

शासकीय कैंसर अस्पताल में मरीजों की एक बार फिर फजीहत हो गई है। रेडिएशन देने के लिए इस्तेमाल की जा रही सालों पुरानी...

Danik Bhaskar | Jun 14, 2018, 04:00 AM IST
शासकीय कैंसर अस्पताल में मरीजों की एक बार फिर फजीहत हो गई है। रेडिएशन देने के लिए इस्तेमाल की जा रही सालों पुरानी कोबाल्ट मशीन हफ्तेभर से खराब है। यहां रोज कम से कम 80 मरीजों को रेडियोथैरेपी दी जाती है। अब सिंकाई नहीं होने के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पताल की ओर रुख करना पड़ रहा है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के तहत एमवायएच सहित अन्य अस्पतालों में कई तरह की सुविधाएं जुटाई जा रही हैं, लेकिन कैंसर के मरीजों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। यहां चलाई जा रही मशीन 1994 में खरीदी गई थी, यानी 22 साल पुरानी मशीन से मरीजों को रेडिएशन दिया जाता है। मशीन को सुधरवाने के लिए बुधवार को इंजीनियरों को बुलाया गया। हालांकि देर रात तक इसमें सुधार नहीं हुआ था।

प्राइवेट अस्पताल में 80 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक लगती फीस

मशीन के फोर्स में तकनीकी परेशानी आ रही है। इलाज के दौरान मशीन बंद हो जाती है। यहां आने वाले मरीज अब प्राइवेट अस्पताल जाने को मजबूर हैं। प्राइवेट में सिंकाई का खर्च 80 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक आता है। हैरानी यह है कि बड़ी संख्या में कैंसर से पीड़ित गरीब मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं, लेकिन दो दशक पुरानी मशीन से काम चलाया जा रहा है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में लीनियर एक्सीलेटर से रेडिएशन थेरेपी दी जाती है। कोबाल्ट मशीन की तुलना में लीनियर एक्सीलेटर से सटीक जगह पर रेडिएशन मरीज को मिलता है।