--Advertisement--

मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है

कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने समूह गान और नृत्य की प्रस्तुति दी। सिटी रिपोर्टर | इंदौर यह...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 04:40 AM IST
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने समूह गान और नृत्य की प्रस्तुति दी।

सिटी रिपोर्टर | इंदौर

यह अांत्रप्रेन्योरशिप का दौर है, इसलिए स्वयं में गुड अांत्रप्रेन्योर क्वालिटीज़ डेवलप करें ताकि किसी कंपनी के श्रेष्ठ एम्प्लॉय बनने के बजाय खुद की एक कंपनी बनाएं और एम्पलॉय जनरेटर बनें। यह बात देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के कुलपति नरेंद्र धाकड़ ने कही।

वे गुरुवार को यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हुई ग्रेजुएशन सेरेमनी में स्टूडेंट्स को संबोधित कर रहे थे। कुलपति ने कहा कि शिक्षा के मूल्य को समझकर उसका अपने जीवन में सही ढंग से प्रयोग करें, तो निश्चित ही सफलता मिलेगी। अमूमन शून्य का महत्व नहीं माना जाता, लेकिन मुद्रा के रूप में उसी एक शून्य का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि फेडरेशन ऑफ एमपी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष आलोक दवे, शिक्षाविद संदीप अत्रे, जितेंद्र चौधरी, हेमंत मेहतानी और रमेश मंगल शामिल हुए। यूनिवर्सिटी के 550 स्टूडेंट्स को ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की मार्कशीट व सर्टिफिकेट दिए गए। इस मौके पर स्टूडेंट्स ने नृत्यांजलि की प्रस्तुति देते हुए गणेश वंदना भी की। सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा... गीत के समूह गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
X
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
मुद्रा के रूप में शून्य का भी महत्व बढ़ जाता है
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..