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युक्तियुक्तकरण की विसंगतिपूर्ण सूची को लेकर शिक्षकों ने प्रक्रिया का किया बहिष्कार

भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिले में कार्यरत शिक्षकों व अध्यापकों के...

Danik Bhaskar | Jun 14, 2018, 02:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिले में कार्यरत शिक्षकों व अध्यापकों के युक्तियुक्तकरण की सूची सोमवार को जारी कर बुधवार को शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। लेकिन सूची को दोषपूर्ण बताते हुए शिक्षकों ने प्रक्रिया का बहिष्कार कर कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर काउंसलिंग निरस्त कर नियमानुसार युक्तियुक्तकरण की मांग की।

बुधवार को शिक्षक सहयोग गार्डन में एकत्रित हुए। अध्यापक संविदा शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राजेश आर वाघेला ने शिक्षकों के साथ सूची में दर्ज विसंगतियों पर विचार विमर्श किया। पश्चात बैठक में शिक्षकों ने निर्णय लिया कि सूची में नियमानुसार अतिशेष शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया व अन्य शिक्षकों के नाम शामिल किए गए। जब तक सूची में नियमानुसार आने वाले शिक्षकों के नाम शामिल नहीं कर लिए जाते हैं तब तक हम इसका विरोध दर्ज करेंगे और प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे।

इसके बाद सभी शिक्षक जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय पहुंचे और सहायक आयुक्त सतीश सिंह को कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर सूची को दोषपूर्ण बताते हुए काउंसलिंग निरस्त कर नियमानुसार पुनः सूची जारी कर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया करने की मांग की। सौंपे गए आवेदन में बताया कि युक्तियुक्तकरण सूची में सिर्फ एक दिन के अंतराल में आपत्ति दर्ज करने का समय दिया है। जबकि उक्त सूची बीईओ कार्यालय में चस्पा कर एक सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए था।

संस्था में वरिष्ठता को ध्यान में रखकर सूची नहीं बनाई गई, किसी संस्था में पहले वाले शिक्षक को तो किसी में अंतिम शिक्षक को, तो कहीं बीच के शिक्षकों को अतिशेष बताया गया। युक्तियुक्तकरण के लिए जिलास्तर पर समिति का गठन भी नहीं किया गया, सूची जनशिक्षकों से आमंत्रित की गई जो कि दोषपूर्ण है। कुछ स्थान पर अधिक शिक्षक होने के बावजूद भी अतिशेष नहीं बताया गया, जैसे मावि सेवरिया, मावि जोबट बालक आदि। जबकि मावि जामनी में पदस्थ सभी शिक्षकों को अतिशेष बताया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि जारी सूची लापरवाही पूर्ण तरीके से बनाई है। इसको निरस्त किया जाए। सूची जारी करने के पूर्व पोर्टल को भी अपडेट नहीं किया गया, जिससे अतिशेष की स्थिति निर्मित हो रही है। कहीं-कहीं पर अटैच शिक्षकों के स्थान पर पदस्थ शिक्षकों को अतिशेष बताया गया। इस दौरान अंतरसिंह रावत, धनसिंह मायड़ा, विक्रमसिंह बघेल, विजयसिंह भयड़िया, पूनम डावर, शकुंतला कनेल, प्रीति डावर, माधुरी यादव, संगीता राठौड़, पिंकी डावर, वंदना राठौड़, सविता वाणी, पंकज मौर्य सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व अध्यापकों ने उपस्थित होकर अपनी बात रखी और सूची को दोषपूर्ण बताते हुए काउंसलिंग का बहिष्कार कर नई सूची जारी करने की मांग की।

आपत्ति दर्ज करें


युक्तियुक्तकरण की सूची दोषपूर्ण होने पर सहयोग गार्डन में चर्चा करते शिक्षक।