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जिले के 546 गांवों में बिजली पहुंचाने का दावा पर कई फलियों में अब तक नहीं पहुंची

भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत जिले के हर गांव में बिजली...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:20 AM IST

जिले के 546 गांवों में बिजली पहुंचाने का दावा पर कई फलियों में अब तक नहीं पहुंची
भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत जिले के हर गांव में बिजली पहुंचाने का दावा बिजली कंपनी द्वारा किया गया है। यदि कंपनी के दावे पर गौर करे तो जिले की 288 पंचायत के 546 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। लेकिन 546 गांवों में 4711 फलिए (मोहल्ले) में से सैकड़ों फलिये ऐसे हैं जहां बिजली नहीं पहुंच सकी है। जिन फलियों में बिजली नहीं पहुंची है उनकी जानकारी को लेकर जब बिजली कंपनी के नोडल अधिकारी रजनीश यादव से पूछा तो वे भी इसके बारे में खुलकर बताने से बचते दिखे। उनका कहना था कि बिजली नहीं पहुंचने के संबंध में संबंधित जेई से दो दिन में जानकारी लेकर ही अधिकृत रूप से फलियों की लिस्ट व संख्या बता सकता हूं।

गौरतलब है कि जिले में 288 ग्राम पंचायत के 546 ग्राम और 4711 फलियों में योजना के तहत पात्र 29069 घरों में 21487 घरों में बिजली कनेक्शन प्रदान कर दिए गए हैं। शेष 7582 घरों में जून अंत तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य बिजली कंपनी ने रखा है। इस संबंध में अधीक्षण यंत्री सहित कंपनी के अधिकारी का दावा है जिसे पूरा करने के लिए कंपनी संकल्पित है।

रातड़ में 9-10 घरों में नहीं पहुंची बिजली, ग्रामीण स्वयं के खर्च पर खंभे लगाने को भी है तैयार

रातड के फलिए में बिजली नहीं होने की शिकायत नोडल अधिकारी को करते ग्रामीण।

पैमाना : 10 % घरों और सार्वजनिक संस्था में हुए कनेक्शन तो मान लेते हैं गांव में पहुंच गई बिजली

इस संबंध में सौभाग्य योजना के नोडल अधिकारी रजनीश यादव ने बताया कि सरकार व विद्युत विभाग के मापदंड के अनुसार यदि किसी गांव में 10 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंचा दी जाती है और वहां के सार्वजनिक संस्था में भी कनेक्शन हो जाते हैं तो यह मान लिया जाता है कि गांव में बिजली पहुंच चुकी है।

16 गांवों में दो साल पहले ही पहुंची बिजली

कट्ठीवाड़ा विखं के 14 व सोंडवा विखं के 2 गांवों में आजादी के बाद से बिजली नहीं पहुंची थी। दो साल पहले तत्कालीन अधिकारियों के प्रयास से इन गांवों में बिजली पहुंचाई गई। वहीं जिले में अभी भी 5 गांव वीरान है जहां बिजली नहीं पहुंची है। इनमें जोबट विखं का हांडी, कट्ठीवाड़ा का कोईवाव और सोंडवा का वेजलिया सहित अन्य दो गांव शामिल है।

शादी है इसलिए ग्रिड से 3 दिन के लिए दें बिजली

वहीं गांव रातड़ के पटेल फलिया में 9-10 घरों में बिजली नहीं पहुंची है। यहां के ग्रामीण कोटवाल पिता वाथु, बछला पिता वुलसिंह, पारसिंह आदि ने बताया कि हम आठ साल से ग्रिड के समीप रह रहे हैं लेकिन हमारे घरों में बिजली नहीं पहुंची है। जबकि ग्रामीण स्वयं के खर्च पर बिजली के खंभे भी लगाने को तैयार है। उन्होंने बताया कि अभी हमारे यहां शादी समारोह है और तीन दिन के लिए ग्रिड से बिजली लेने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए अधिकारियों से मिल रहे हैं।

कई फलियों में नहीं पहुंची बिजली, काम चालू

नोडल अधिकारी यादव ने बताया कि जिले के 4711 फलियों में से कई फलियों में अभी बिजली नहीं पहुंची है। जैसे सोंडवा व कट्ठीवाड़ा विकासखंड के गांव गुलवट, वाकनेर, सोमेश पुरा, केलरी आदि गांवों के कुछ फलियों में बिजली नहीं पहुंची है। हालांकि ऐसे फलियों में निम्न दाब (एलटी) बिजली पहुंचाने का काम चालू है।

13 गांव डूब प्रभावित, नर्मदा में पानी का लेबल कम होने पर ग्रामीण पहुंच जाते हैं पहाड़ी पर जहां बिजली नहीं

वहीं सरदार सरोवर डूब क्षेत्र के तहत सोंडवा विकासखंड के 13 गांव डूब प्रभावित है। जहां के लोगों को ककराना के कडाईपानी फलिए में बसाया गया है। लेकिन नर्मदा नदी का पानी का लेबल कम होते ही ये लोग पहाड़ियों पर घर बना लेते हैं। जिसके कारण वहां बिजली नहीं पहुंचाई गई है। हालांकि जहां इन्हें बसाया गया है वहां बिजली पहुंचा दी गई है।

दो दिन में फलियों की जानकारी एकत्र करेंगे

जिले के कितने फलियों में बिजली नहीं पहुंच पाई है इसकी जानकारी फिलाहाल नहीं है। अगले दो दिनों में संबंधित जेई से जिले के कितने फलियों में बिजली नहीं पहुंच पाई है इसकी जानकारी एकत्र कर लेंगे। रजनीश यादव, नोडल अधिकारी सौभाग्य योजना, बिजली कंपनी आलीराजपुर

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