Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» शील और संस्कार को बचाने के लिए तैयारी नहीं की

शील और संस्कार को बचाने के लिए तैयारी नहीं की

शील और संस्कार को बचाने के लिए तैयारी नहीं की तो युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी भास्कर संवाददाता | पेटलावद इस समय...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 03:00 AM IST

शील और संस्कार को बचाने के लिए तैयारी नहीं की तो युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी

भास्कर संवाददाता | पेटलावद

इस समय देश और समाज गंभीर चारित्रिक संकट से गुजर रहा है, यदि हमने शील और संस्कार को बचाने के लिए तैयारी नहीं की तो हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। यह काम राजनेताओं और बुद्धिजीवियों को करना है।

यह बात पद्यभूषण से सम्मानित आचार्यश्री र| सुंदरसूरीश्वरजी ने कही। उन्होंने कहा गिरावट समाज के हर क्षेत्र में है लेकिन यह क्यों है, इस पर विचार करना चाहिए। एक प्रश्न के उत्तर में आचार्य प्रवर ने कहा देश के युवाओं का बड़ा वर्ग आज डिप्रेशन और एंगर से पीड़ित है। यह इसलिए कि हमने सकारात्मक ढंग से सोचना ही बंद कर दिया है। धर्मांतरण पर पूछे गए सवाल पर आचार्यश्री ने कहा पहले हमें संस्कारों के गिरते हुए स्तर पर सोचना पड़े फिर हम धर्म के बारे में बात कर सकेंगे। अभी तो शील और संस्कार का संकट है और यह संकट मर्यादा लांघने के कारण और बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राजनेताओं के पास संकल्प शक्ति का अभाव है प्रशासन के पास दृष्टिकोण का अभाव है। मीडिया अच्छे से ज्यादा सच्चे को प्राथमिकता देता है। यदि मीडिया अच्छे को प्राथमिकता देना प्रारंभ करे तो तस्वीर बदल सकती है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: शील और संस्कार को बचाने के लिए तैयारी नहीं की
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×