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चांदी की पालकी में भ्रमण पर निकले शनिदेव

नगर में शनि जयंती उल्लासमयी वातावरण में मनाई गई। भव्य शोभायात्रा शनि मंदिर से निकाली गई। शोभायात्रा की अगुवाई...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 04:55 AM IST
नगर में शनि जयंती उल्लासमयी वातावरण में मनाई गई। भव्य शोभायात्रा शनि मंदिर से निकाली गई। शोभायात्रा की अगुवाई धर्म ध्वज लिए दो घुड़सवार कर रहे थे। इसकी बोली हुक्मीचंद राठौड़ व जगदीश राठौड़ ने ली। महिलाएं लाल चुनरी ओढ़े मंगल कलश लिए चल रही थी। इनके आगे एक महिला रजत कलश लिए चल रही थी। शोभायात्रा में महिलाएं लाल रंग की चुनरी पहने तो पुरुष वर्ग सफेद वस्त्र पहन शामिल हुए। अपने आराध्य के जन्मोत्सव की खुशी हर चेहरे पर झलक रही थी। विशेषकर युवा वर्ग खूब उत्साह दिखा रहा था। शोभायात्रा मंदिर गली, सरदार मार्ग, शिवाजी चौक, महात्मा गांधी मार्ग, पुराना बस स्टैंड, सुभाष चौपाटी, आजाद मार्ग, जवाहर मार्ग होते हुए पुनः शनि मंदिर पहुंची। तीखी धूप में भी नाच रहे युवाओं का जोश कम नहीं कर सकी। प्रमुख चौराहों पर गरबे खेलने में युवक-युवतियों के अलावा महिलाएं भी पीछे नहीं रही। शनिदेव के जयकारे से नगर की गलियां गुंजायमान हो गई। शोभायात्रा में भगवान शनिदेव की चांदी से बनी प्रतिमा पालकी में विराजित थी। इसे कांधे पर उठाकर चलने के लिए समाजजनों में होड़ लगी हुई थी। जगह-जगह समाजजनों ने चावल से गहुली कर शनिदेव को बधाया। जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत हुआ। समाज प्रमुख रणछोड़लाल राठौड़ व मंदिर व्यवस्थापक जगदीश राठौड़ भी उपस्थित रहे। संचालन जीतेश राठौड़ ने किया। शनि मंदिर में शनिदेव के अभिषेक हुए। प्रथम अभिषेक की बोली राजेश राठौर ने ली। उसके बाद श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर दूध, तेल से अभिषेक किए। इस दौरान संगीतमय शनि चालीसा के पाठ में भारी भीड़ उमड़ी। लाबरिया से आए नारायण चौधरी और उनके दल ने इसकी प्रस्तुति दी। इसके बाद मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हुआ। इसकी बोली मनोज राठौड़ ने ली। महाआरती की बोली सुरेश लच्छीराम राठौड़ ने ली। घंटी बजाने की बोली घनश्याम राठौड़ ने ली। इसके बाद प्रसादी वितरण व सहभोज हुआ।

शोभायात्रा की अगुवाई दो घुड़सवार कर रहे थे, इसकी बोली हुक्मीचंद राठौड़ व जगदीश राठौड़ ने लगाई

शनि मंदिर से निकली शोभायात्रा का रास्तेभर विभिन्न संगठनों ने फूलों से स्वागत किया।