मंदसौर लोकसभा सीट / भाजपा का गढ़, लेकिन 68 साल में डॉ. पांडेय के अलावा कोई भी दूसरी बार नहीं बना सांसद



Lok Sabha Elections 2019, Mandsaur Parliamentary Seat
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Lok Sabha Elections 2019, Mandsaur Parliamentary Seat

  • कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन और भाजपा ने वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता को मैदान में उतारा 
  • मंदसौर सीट कई बार बड़े उलटफेर व चौंकाने वाले नतीजे देने के लिए ख्यात रही

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 12:26 PM IST

मंदसौर.  68 साल पहले मंदसौर लोकसभा सीट 1951 से अस्तित्व में आई। इस सीट पर अब तक हुए 16 चुनाव में भाजपा के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय के अलावा कोई भी नेता दूसरी बार सांसद नहीं बन पाया। पांडेय ने इस सीट से 11 बार चुनाव लड़ा है जिसमें 8 बार उनकी जीत हुई। इस बार कांग्रेस ने 2009 में यहां से जीती मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है। वहीं, भाजपा ने वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता को मौका दिया है। मंदसौर सीट कई बार बड़े उलटफेर व चौंकाने वाले नतीजे देने के लिए ख्यात रही है। कांग्रेस का इस सीट पर प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है और उसे सिर्फ 5 बार इस सीट पर जीत मिली है।

 

2011 की जनगणना के मुताबिक, मंदसौर की जनसंख्या 24,72,444 है। शहरी क्षेत्र में 24.51 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 75.49 फीसदी आबादी रहती है। यहां 16.78 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति और 5.36 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति की है।

 

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां पर 16,26,571 मतदाता थे। इनमें से 7,88,495 महिला मतदाता और 8,38,076 पुरुष मतदाता थे। 2014 के चुनाव में यहां पर 71.40 फीसदी मतदान हुआ था। वर्तमान में यहां मतदाताओं की 8 विधानसभा सीटों पर मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17 लाख 44 हजार 950 हो गई।

 

इस सीट पर हुए पहले दो चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। अगले चुनाव में जनसंघ ने यह सीट कांग्रेस से छीन ली और लगातार 4 चुनाव में कांग्रेस को हार मिली। 1980 में कांग्रेस(आई) के भंवरलाल नाहटा ने पिछले दो चुनाव जीतने वाले लक्ष्मीनारायण पांडेय को मात दी।

 

1984 में कांग्रेस के बालकवि बैरागी उर्फ नंदराम दास जीते। 1989 में भाजपा ने फिर इस सीट पर कब्जा जमाया और लक्ष्मीनारायण पांडेय ने विजय हासिल की। पांडेय ने इसके बाद लगातार  1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में जीत दर्ज की। 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा को हराया। हालांकि, 2014 में नटराजन को भाजपा के सुधीर गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

 

16 चुनावों में 3 बार महिला प्रत्याशी, तीनों बार कांग्रेस से नटराजन 
मंदसौर सीट से 16 चुनाव में अब तक 3 बार प्रमुख राजनीतिक दलों ने महिला प्रत्याशी दिए हैं। तीनों बार कांग्रेस से मीनाक्षी नटराजन को टिकट मिला। 2009, 2014 के बाद अब 2019 में नटराजन ने टिकट की हैट्रिक की है।

 

पिछले दो चुनाव का लेखा-जोखा
2009 के चुनाव में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा के लक्ष्मीनारायण पांडेय को 30819 वोट से हराया था। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सुधीर गुप्ता ने कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन को 303649 वोट के बड़े अंतर से हराया था। 2014 के चुनाव में आम आदमी पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी।

 

अफीम का बड़े पैमाने पर होता है उत्पादन
राजस्थान के चित्तौड़गढ़, कोटा, भीलवाड़ा, झालावाड़ और मध्य प्रदेश के रतलाम जिलों से घिरे मंदसौर जिले में अफीम का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। आजादी के पहले यह ग्वालियर रियासत का हिस्सा था। पशुपतिनाथ मंदिर, बाही पारसनाथ जैन मंदिर और गांधी सागर बांध यहां के दर्शनीय स्थल हैं।   

 

1951 से लेकर 2014 तक निर्वाचित सांसदों की सूची:
1951: कैलाशनाथ काटजू, कांग्रेस 
1957: माणक भाई, कांग्रेस 
1962: उमाशंकर त्रिवेदी, भारतीय जनसंघ 
1967: स्वतंत्रसिंह कोठारी, भारतीय जनसंघ 
1971: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भारतीय जनसंघ 
1977: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भारतीय जनसंघ 
1980: भंवरलाल नाहटा, कांग्रेस 
1984: बालकवि बैरागी उर्फ नंदराम दास, कांग्रेस 
1989: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भाजपा 
1991: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भाजपा 
1996: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भाजपा 
1998: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भाजपा 
1999: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भाजपा 
2004: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय, भाजपा 
2009: मीनाक्षी नटराजन, कांग्रेस 
2014: सुधीर गुप्ता, भाजपा 

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