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अफसर की पत्नी और मां के लॉकर्स से निकली सोने की ईंट और 80 लाख के जेवर

लोकायुक्त पुलिस ने चंद्रावत के इंदौर व अन्य ठिकानों पर छापे मार करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति पकड़ी है।

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 04:13 PM IST
आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत। आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत।

इंदौर. आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत की पत्नी और मां के दो लाॅकरों से लगभग 80 लाख रुपए के हीरे जड़ित जवाहरात व एक सोने की ईंट (कीमत 22 लाख रुपए) मिले हैं। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने चंद्रावत के इंदौर स्थित निवास व अन्य ठिकानों पर छापे मार करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति पकड़ी है। चंद्रावत धार में पदस्थ है। सभी जेवर जब्त कर सरकारी खजाने में जमा करा दिए गए हैं।

पत्नी व मां को लेकर बैंक पहुंची थी टीम
- लोकायुक्त एसपी दिलीप सोनी के मुताबिक, मंगलवार को एचडीएफसी बैंक शाखा सुखलिया में चंद्रावत के दो लाॅकरों को खोला गया। इनमें एक पराक्रम की मां व दूसरा लाॅकर पत्नी के नाम पर मिला।

- लोकायुक्त डीएसपी शिव सिंह यादव के नेतृत्व में टीम मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे चंद्रावत, उसकी पत्नी व मां को लेकर बैंक शाखा पहुंची, जहां दोनों लाॅकरों में जेवरों के 18 नग मिले।

- इनमें 750 ग्राम वजनी सोने की ईंट शामिल है। साथ ही हीरे जड़ित दो सोने के हार, एक सोने की करधन के अलावा सोने का बोर, सोने के 12 सिक्के, चांदी के 30 सिक्के व अन्य जेवर शामिल हैं।

- बाद में सुनार को बुलाकर जेवरातों को तुलवाया गया। इनमें हीरे जड़ित सोने के जेवरों का कुल वजन 1980 ग्राम और चांदी के जेवर लगभग नौ किलो पाए गए।

- सभी जेवरों की कुल कीमत 79 लाख 14 हजार 423 रुपए बताई गई है। लाॅकरों को खोलने के बाद बैंक में शाम 6 बजे तक कार्रवाई चलती रही।

27 अप्रैल को पड़ा था छापा, अफसर के घर से मिली थी 18 लाख की घड़ी-करोड़ों की प्रॉपर्टी

- लोकायुक्त पुलिस ने 27 अप्रैल धार (मप्र) के जिला आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत के इंदौर स्थित निवास और अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।
- चंद्रावत के आलीशान बंगले में 90-90 लाख की तीन कारें मिलीं।
- पराक्रम शहीद टीआई नरेंद्रसिंह चंद्रावत के पुत्र हैं। उनके चाचा दिवंगत पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रसिंह कालूखेड़ा थे।
- आबकारी अधिकारी के धार ऑफिस और पैतृक गांव कालूखेड़ा में भी तलाशी ली गई। चंद्रावत ने मई में अमेरिका जाने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। उससे पहले लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पराक्रम पिता की हत्या के बाद 2001 में अनुकंपा नियुक्ति पाकर आबकारी अधिकारी बने। लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ी गई संपत्ति की कीमत बताने से इनकार किया है किंतु जानकारों का मानना है कि यह 50 करोड़ से अधिक है। कीमत 100 करोड़ तक भी जा सकती है।

पिता की हत्या के बाद 2001 में मिली थी अनुकंपा नियुक्ति

- पराक्रम के पिता नरेंद्रसिंह चंद्रावत 1996 में महू में थाना प्रभारी थे। तब एक गुंडे द्वारा किए गए हमले में उनकी मौत हो गई थी। सरकार ने पराक्रम को आबकारी अधिकारी पद पर 2001 में अनुकंपा नियुक्ति दी थी।
- लोकायुक्त डीएसपी यादव के मुताबिक ट्रेनिंग के बाद 2003 में पदस्थापना हुई थी।

नौकरी से अब तक का वेतन 70-80 लाख रु. (मतलब 17 साल की जॉब)

- आबकारी अधिकारी की वर्तमान में 75 हजार रु. सैलरी है और नौकरी में अब तक की उनकी तनख्वाह लगभग 70-80 लाख रु. बनती है।
- इतने साल की नौकरी में उन्होंने करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति खरीदी।

क्या-क्या मिली थी संपत्ति

- घर पर नकद 12 लाख। दोनों पेट्रोल पंप पर एक करोड़ 12 लाख।
- 1 करोड़ रुपए कीमत के गहने।
- बंसी ट्रेड सेंटर में दूसरी मंजिल पर एक फ्लैट।
- बीसीएम हाइट्स के पांचवें माले पर एक दुकान।
- स्कीम 140 में साढ़े पांच हजार वर्ग मीटर का प्लाॅट।
- लसूड़िया मोरी क्षेत्र में एक प्लाॅट।
- जावरा में 20 बीघा जमीन में छह वेयर हाउस।
- एक मर्सिडीज पुरानी विदेशी और करोड़ों की कीमत की है। दूसरी मर्सिडीज 90 लाख रुपए वाली। 60 लाख रुपए कीमत की आॅडी कार।
- सयाजी होटल के सामने पेट्रोल पंप (मां के नाम पर)।
- एमआर-10 पर पेट्रोल पंप पत्नी विभावरी कुमारी चंद्रावत के नाम पर।

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