अक्षत अपहरण मामला / सागर जिले में मिला बच्चा, पुलिस की नाकाबंदी के कारण बदमाश झांसी हाईवे पर छोड़कर भागे

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 10:26 AM IST


madhya pradesh indore kidnapped akshat not yet traced 12 teams investigating
पुलिस को दो बदमाशों के फुटेज मिले है पुलिस को दो बदमाशों के फुटेज मिले है
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पुलिस को दो बदमाशों के फुटेज मिले हैपुलिस को दो बदमाशों के फुटेज मिले है
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  • अक्षत को इंदौर लाया जा रहा है, बच्चा सुरक्षित है, आरोपियों ने बच्चे के हाथ पर लिख दिया था पिता का नाम व नंबर
  • मप्र के गृहमंत्री बाल बच्चन ने कहा है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी

इंदौर. प्राइम सिटी कॉलोनी से रविवार को अगवा हुए किराना व्यापारी रोहित जैन के 6 साल के बेटे अक्षत को पुलिस ने अपहृताओं के चंगुल से छुड़वा लिया है। पुलिस की नाकाबंदी से घबराकर सोमवार शाम बदमाश अक्षत को इंदौर से करीब 400 किमी दूर सागर जिले के बरोदिया गांव के नाके पर छोड़ भाग गए। षड्यंत्र का मुख्य आरोपी संतोष विश्वकर्मा है, जो अक्षत के दादा के साथ फैक्ट्री में काम करता है। पुलिस के मुताबिक संतोष का अक्षत के घर आना-जाना था। उसने ललितपुर के अपने पांच साथियों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया। संतोष के अलावा नवाब, हसीन, लोकेश और अंकित को टीकमगढ़ पुलिस की मदद से ललितपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को पहला सुराग व्यापारी के मोबाइल पर आए 10 लाख की फिरौती के फोन से ही मिला।

 

पुलिस को दो बदमाशों के फुटेज मिले है

 

10 घंटे में पुलिस ने इस नंबर के आधार पर यूपी के ललितपुर के पास मेहरूनी गांव के रहने वाले नीलेश पिता वीरन की पहचान की। यहां निलेश को हिरासत में लिया तो उसकी काल डिटेल में अमित और संतोष नाम के युवकों के संपर्क मिले। इसमें संतोष की लोकेशन इंदौर कई आई। वहीं ये भी पता लगा कि जिस नंबर से फिरौती आई थी वह 22 जनवरी और 1 फरवरी को बाणगंगा इलाके में चालू था। इस आधार पर ललित पुर की लिंक पुख्ता हुई और टीकमगढ़ एसपी कुमार प्रतीक की मदद से पांच आरोपी हिरासत में लिए। इसके अलावा इंदौर पुलिस ने संतोष व उसके संपर्क के पांच ओर संदेहियों को हिरासत में लेकर पुरे अपहरण कांड से पर्दाफाश कर दिया। एसपी अवधेश गोस्वामी ने बताया कि पूरा षड्यंत्र आरोपी संतोष ने रचा था। संतोष अपहृत बच्चे के दादा सुरेंद्र के साथ सांवेर रोड की एक फैक्ट्री में काम करता था। इस दौरान उसका घर आना-जाना था। ‌संतोष के घर तलाशी में चोरी का एक मोबाइल व अन्य वस्तुएं भी मिली है। संतोष ने रुपयों की लालच में साथियों से अपहरण की बात कबूली है। संतोष भी मेहरुनी गांव का रहने वाला है तीन साल पहले सांवेर रोड पर नौकरी के लिए एक फैक्ट्री में लगा था।

 

लड़की बन इंदौर पुलिस ने एक आरोपी को ट्रैक किया, तो 5 बदमाश पकड़ में आए : आरोपियों की पहचान पुख्ता करने के बाद उन तक पहुंचने के लिए पुलिस ने विशेष प्लान बनाया। पुलिसकर्मियों ने लड़की बन एक आरोपी से बातचीत की और उसे जाल में फंसाकर पकड़ लिया। उसके जरिये पुलिस चार अन्य आरोपियों तक पहुंच गई। यह खबर बच्चे को ललितपुर ले जा रहे अंकित व लोकेश को लगी तो वे उसे बरोदिया चौकी के पास छोड़ गए।

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