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छात्रा ने एनेस्थीसिया का हाई डोज लेकर की खुदकुशी, 4 दिन में लिखा था 12 पेज का सुसाइड नोट

फीस के लिए थमाए 9.9 लाख के नोटिस से तनाव में थी बेटी: पिता

Bhaskar News | Last Modified - Jun 12, 2018, 11:22 AM IST

  • छात्रा ने एनेस्थीसिया का हाई डोज लेकर की खुदकुशी, 4 दिन में लिखा था 12 पेज का सुसाइड नोट
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    स्मृति लाहरपुरे, फाइल फोटो।

    - एनेस्थीसिया की अलग-अलग दवाओं का ओवरडोज लेने से मौत।

    - पुलिस की जांच.....स्मृति के फिंगर प्रिंट से खोला मोबाइल, डिलीट मिले मैसेज।

    भोपाल/इंदौर. इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की एनेस्थीसिया विभाग की फाइनल ईयर की छात्रा ने इंट्रा कैथ के जरिये एनेस्थीसिया का हाई डोज इंजेक्ट कर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार रात 1.15 बजे की है। खुड़ैल थाना प्रभारी हाकम सिंह पंवार ने बताया इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के पीजी होस्टल में रहने वाली 32 वर्षीय स्मृति पिता किशोर कुमार लाहरपुरे निवासी भोपाल ने एनेस्थीसिया की दवाओं का मिक्स हाई डोज लेकर आत्महत्या की है। छात्रा शाम 6 बजे तक कॉलेज में ड्यूटी पर थी। ड्यूटी खत्म कर वह मरीजों को लगाने वाली इंट्रा कैथ लेकर होस्टल के कमरे में पहुंची। मोबाइल पर किसी से काफी लंबी बातचीत और चैटिंग भी की।

    साथी के कमरे में रखा सुसाइड नोट

    रात करीब 1.15 बजे मौत की सूचना कॉलेज प्रबंधन को होस्टल में रहने वाले छात्रा के ही पीजी ग्रुप के साथी डॉक्टर प्रखर गुप्ता ने दी। प्रखर ने पुलिस को बताया कि स्मृति और वह साथ में आते-जाते थे। दोनों अच्छे दोस्त थे। रविवार को वह भोपाल से लौटा तो स्मृति को फोन कर बाइक से रेडिसन चौराहे पर लेने बुलाया था, क्योंकि स्मृति बाइक भी चलाती थी। हालांकि वह नहीं आई।


    रात 12.45 पर प्रखर होस्टल पहुंचा तो स्मृति को फिर से फोन किया। लेकिन उसने नहीं उठाया। इसके बाद प्रखर अपने कमरे में पहुंचा तो देखा कि स्मृति ने सुसाइड नोट की डायरी व लैब का कुछ महत्वपूर्ण समान स्लिप लगाकर उसके कमरे में रख दिया था। प्रखर सुसाइड नोट पढ़कर दरवाजा तोड़ते हुए स्मृति के कमरे में पहुंचा। फिर पुलिस और प्रबंधन को फोन कर जानकारी दी। परिजन को भी उसी ने बुलाया। पुलिस ने पूछताछ के बाद देर रात प्रखर को छोड़ दिया।

    चार दिन में लिखा 12 पेज का सुसाइड नोट

    पुलिस के मुताबिक स्मृति ने 12 पेज का सुसाइड नोट लिखा है जो इंग्लिश में है। इसे उसने एक कॉपी में लिखा है। इसमें उसने दोनों इंजीनियर भाई स्पर्श और स्पंदन, मां व पिता के साथ कुछ दोस्तों के नाम लिखकर सभी के लिए कुछ लिखा है और सभी से माफी मांगी है। नोट 3-4 दिन में लिखा गया है।


    फीस के लिए थमाए 9.9 लाख के नोटिस से तनाव में थी बेटी : पिता

    इंदौर. इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की एनेस्थीसिया विभाग की फाइनल ईयर की छात्रा डॉ. स्मृति लाहरपुरे द्वारा आत्महत्या के मामले में पिता ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने बेटी को फीस जमा करने के लिए 9 लाख 90 हजार रुपए का नोटिस थमाया था। इसके बाद से बेटी तनाव में रहती थी। इसीलिए उसने यह कदम उठाया।

    पिता किशोर कुमार ने बताया वे सेंट्रल बैंक में मैनेजर हैं। जून 2016 में बेटी पीजी कोर्स के लिए सिलेक्ट हुई थी। शनिवार को उसने अपने भाई स्पंदन से बात भी की। उसने तबीयत खराब होने का जिक्र किया था। बेटी ने इंडेक्स कॉलेज में एडमिशन लिया तो उसे पता चला कि कॉलेज का एफिलिएशन नहीं था। प्रबंधन ने इसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी बना लिया था। बेटी ने स्टूडेंट्स को एकजुट कर हाई कोर्ट में केस लगाया था, जिसका फैसला पक्ष में आया था।

    इस पर कॉलेज प्रबंधन को कोर्ट के निर्णय के आधार पर फीस व अन्य सुविधाएं छात्रों को देना पड़ी थी। कुछ दिन पहले बेटी के साथ केस लगाने वाले स्टूडेंट्स प्रबंधन के लोगों से मिले तो बेटी को प्रबंधन के लोगों ने अपमानित किया था। इस वर्ष अचानक डेढ़ लाख रुपए फीस भी बढ़ा दी थी। इसी से वह काफी तनाव में रहने लगी थी। पिता ने प्रखर से प्रेम संबंध की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा प्रखर भी भोपाल का है। बेटी उससे संपर्क में जरूर रहती थी।

    शव के फिंगर प्रिंट्स से खोला मोबाइल का लॉक

    छात्रा के मोबाइल में फिंगर प्रिंट लॉक था। पुलिस ने शव के फिंगर प्रिंट की मदद से लॉक खोला। मोबाइल को एफएसएल जांच के लिए भेजा है। पुलिस कॉल डिटेल भी निकलवा रही है। पुलिस को कमरे से एनेस्थीसिया की कई तरह की दवाओं (इंजेक्शन) की बोतलें मिली हैं। इन सभी को मिक्स कर छात्रा ने डोज लिया है। जिला अस्पताल में पोस्टमॉटर्म करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक छात्रा के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। विसरा, टिशु और ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।

    फीस के लिए परेशान करते थे कॉलेज वालेपुलिस का कहना है स्मृति के साथियों ने बताया कि उसे कॉलेज के लोग परेशान करते थे। फीस बढ़ाने को लेकर भी बीते दिनों उसका विवाद कॉलेज प्रबंधन से हुआ था। इसी के बाद उसकी परेशानी बढ़ गई थी। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।

    प्रबंधन बोला- छात्रा की मौत में हमारी भूमिका नहीं

    इंडेक्स कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी आरसी यादव ने कहा डॉ. स्मृति की आत्महत्या में कॉलेज प्रबंधन की भूमिका नहीं है। वह अपनी बैच के छात्र डॉ. प्रखर गुप्ता से संपर्क में रहती थी। प्रखर ने ही सुसाइड नोट अपनी अलमारी में छिपा लिया था।

    बड़ा सवाल : स्मृति के हाथ में किसने लगाई इंट्रा कैथ

    आम तौर पर इंट्रा कैथ खुद के हाथों से नहीं लगाई जाती है। ऐसे में सवाल है कि स्मृति को इंट्रा कैथ किसने लगाई थी? क्या उसने खुद अपने हाथों से लगा ली थी? इंट्रा कैथ लगाने का कारण क्या था? शाम 6 बजे तक वह कॉलेज में ड्यूटी कर रही थी फिर अचानक इंट्रा कैथ क्यों लगाना पड़ी? पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

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    स्मृति लाहरपुरे, फाइल फोटो।
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