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मध्यप्रदेश / बेटा जतारा से तो पिता गोटेगांव से अलग-अलग दल के प्रत्याशी



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  • सागर से भाजपा, आप और बसपा प्रत्याशियों में किसी का भाई कांग्रेसी तो किसी का भाजपाई

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 04:28 AM IST

राजकुमार प्रजापति, सागर . विधानसभा चुनाव में एक ही परिवार से एक से ज्यादा दल की राजनीति करने वाले चेहरे भी सामने आ रहे हैं। यहां तक कि भाई, बहन और पिता तीनों अलग-अलग दल की राजनीति कर रह

 

टीकमगढ़ जिले की जतारा सीट से कांग्रेस गठबंधन वाली लोकतांत्रिक जनता दल से उम्मीदवार के पिता आम आदमी पार्टी से गोटेगांव से चुनाव लड़ रहे हैं।

 

इनकी बहन भाजपा की पदाधिकारी हैं। दूसरी तरफ सागर सीट से भाजपा, आप और बसपा से उम्मीदवारों के भाई विपक्षी दल के बड़े नेता हैं। कोई कांग्रेस तो कोई भाजपा की सक्रिय राजनीति में है। इनके अलावा और भी नेता चित भी अपनी और पट भी अपनी की मंशा से दाे दलों की सवारी कर रहे हैं। भास्कर की एक रिपोर्ट।

 

{सागर विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके और तीसरी बार चुनाव लड़ रहे भाजपा के शैलेंद्र जैन के भाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जैन हैं। सुनील जैन देवरी से विधायक भी रह चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने इसी सीट से दावेदारी की थी, लेकिन टिकट नहीं मिल सका।

 

vikram

 

 

{लोक तांत्रिक जनता दल से जतारा से प्रत्याशी कांग्रेस नेता विक्रम चौधरी के पिता एमपी चौधरी गोटेगांव से आप प्रत्याशी हैं। विक्रम की बहन इंदू चौधरी ने भाजपा से नरयावली से टिकट मांगा था। टिकट नहीं तो निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया, लेकिन बाद में मान गईं।

 

{महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष प्रमिला सिंह के भाई भाजपा नेता और सागर नगर निगम अध्यक्ष राजबहादुर सिंह के चचेरे भाई इंद्र विक्रम सिंह सागर से आप के प्रत्याशी हैं। एमबीए करने के बाद वे इंदौर में सेटल हो गए। वे आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं।

 

{भाजपा नेता विनोद प्रजापति के बड़े भाई संतोष प्रजापति ने बसपा का दामन थाम लिया है। पार्टी ने उन्हें सागर विधानसभा से चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया है। संतोष, सागर महापौर अभय दरे का कमीशनबाजी का कथित ऑडियो जारी कर चर्चा में आए थे।

 

राजगढ़ी परिवार के दो भाइयों को कांग्रेस ने दिया टिकट :  कांग्रेस ने इस बार दमोह जिले के हिंडोरिया के राजगढ़ी परिवार के दो सदस्यों को टिकट दिया है। कांग्रेस ने प्रधुम्न सिंह को छतरपुर की बड़ामलहरा सीट से, जबकि उनके चचेरे भाई राहुल सिंह को दमोह से प्रत्याशी बनाया है। प्रधुम्न सिंह पहले भाजपा में थे और दमोह मंडी अध्यक्ष भी रहे हैं, हालांकि बाद में नगर पंचायत हिंडोरिया से मां सकुंनलता सिंह को भाजपा का टिकट न मिलने पर उन्होंने मां को निर्दलीय ही मैदान में उतारा था और वे जीती भी थीं। भाजपा से निष्कासित होने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। प्रधुम्न सिंह पर पांच मामले दर्ज हैं।

 

दो नावों की सवारी : 

 

{भाजपा के जिला महामंत्री व जैव ऊर्जा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शैलेष केशरवानी के छोटे भाई अखिलेश मोनी केशरवानी कांग्रेस की राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने इस बार सागर से दावेदारी की थी, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।
{भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्याम तिवारी के छोटे भाई भरत तिवारी कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के काफी नजदीकी माने जाते हैं। वे युवा ब्राह्मण समाज संगठन के अध्यक्ष और वर्तमान में सवर्ण सेना के संरक्षक होने के साथ ही राजनीति में सक्रिय हैं।

 

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